
परितोष वर्मा
जबलपुर (जय लोक)। जबलपुर शहर में चिकित्सा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाली डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की 50 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मामले में एक नया मोड़ आ गया है । उक्त संपत्ति नगर निगम के स्वामित्व की है जिसे लीज पर श्रीवास्तव परिवार को दिया गया था। प्रारंभिक जांच में नगर निगम में यह बात सामने आई है कि बिना भूमि स्वामी की अनुमति के उक्त भूमि को दान पत्र के माध्यम से डॉ जैन दंपति को दान कर दिया गया और कुछ हिस्सा गायत्री परिवार को दान किए जाने की बात सामने आ रही है। नगर निगम के अधिकारियों ने दस्तावेजों की मांग की है और अगर आप इन दस्तावेजों में अनुमति शामिल नहीं है तो यह पूरा खेल पलट जाएगा। जानकारी के अनुसार नगर निगम लीज प्लाट क्रमांक 51, राइट टाउन एक्सटेंशन, क्षेत्रफल – 25047 वर्गफुट पर पट्टेधारी डॉं. महेश कुमार श्रीवास्तव पिता स्व. डॉं. भैया लाल श्रीवास्तव, श्रीमती हेमलता श्रीवास्तव पति डॉं. महेश कुमार श्रीवास्तव एवं रचित श्रीवास्तव पिता डॉं. महेश कुमार श्रीवास्तव का नाम दर्ज है।

इस पूरे प्रकरण की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने के लिए निगमायुक्त रामपकाश अहिरवार के निर्देशानुसार सहायक आयुक्त श्रीमती शिवांगी महाजन के द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया। जहॉं पर पाया गया कि उक्त भूखण्ड पट्टेधारी द्वारा नगर निगम के स्वामित्व की भूमि को निगम की बिना अनुमति के दान कर दिया गया है एवं उक्त भूखण्ड पर मौके पर बिना अनुमति व्यापारिक उपयोग की गतिविधियॉं की जा रहीं है। पट्टेधारी द्वारा वर्ष 2020-21 से लीज भू-भाड़ा जमा नहीं किया गया है।

पट्टेधारी द्वारा लीज शर्त क्रमांक 3, 6, 7 एवं 8 का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने यह भी बताया है कि नगर निगम के पास शर्त क्रमांक 6 के तहत् पुन: प्रवेश का अधिकार सुरक्षित है। श्रीमती महाजन ने संबंधितों को सूचना के माध्यम से जानकारी दी है कि 24 घंटे के अंदर वैधानिक दस्तावेज/जानकारियॉं नगर निगम के सम्पदा शाखा में प्रस्तुत करें अन्यथा निगम की ओर से वैधानिक कार्रवाई की जायेगी। इस आशय की जानकारी की सूचना चस्पा भी कराई गयी है।

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Author: Jai Lok






