
2025 और 2018 में 44 डिग्री के ऊपर गया था तापमान
जबलपुर (जयलोक)। मई के महीनें में गर्मी अपना रौद्र रुप दिखा रही है, इस सीजन में सोमवार को पहली बार पारा 44 डिग्री के पार निकल गया। गर्म लू के थपेड़ों ने जनजीवन को झुलसाया। वहीं आज के दिन भी सूरज की तपन से 44 डिग्री वाली गर्मी का अहसास हो रहा है। दोपहर में तेज धूप से बदन में जलन महसूस हो रही है। दोपहर से देर रात तक सडक़े वीरान हैं, शाम ढलने के बाद सडक़ों पर चहल पहल देखी जा रही है। लोग धूप से बचने के टोपी, गमछा बांधकर निकल रहे हैं। गर्मी में सूखे कंठों को तर करने शीतल पेय पदार्थ कोल्ड ड्रिंक, गन्ने का रस, आम का पना, नारियल पानी की तरफ लोग आकर्षित हो रहे हैं।
मौसम विज्ञान केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार जबलपुर में मौसम शुष्क बना हुआ है। आसमान एकदम साफ है, पश्चिमी विक्षोप समाप्त होने से बादल छंट गए, जिससे तापमान को उछलने का मौका मिल रहा। पश्चिमी हवाएं भी वातावरण को गर्म कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस सामान्य से 2 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। इसके पूर्व वष 2024 में 27 मई को पारा 44.05 डिग्री पर गया था। साथ ही 25 मई से शुरू होने वाला नौतपा इस बार काफी तपने का अनुमान है।

2025 और 2018 ने तपाया था शहर
पिछले एक हफ्ते के तापमान के आंकड़े में नजर दौड़ाई जाए तो तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही चल रहा है। जिसके कारण गर्मी रिकार्ड तोड़ रही है। रिकॉर्ड के मुताबिक 25 मई 1954 को शहर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई थी, जब नौतपा के पहले ही दिन अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके अलावा अगर दस वर्षों पीछे देखा जाए तो तापमान 29 मई 2018 को 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

25 मई से नौतपा
25 मई से नौतपा शुरू होने जा रहे हैं लेकिन उसके पहले ही शहर जमकर तप रहा है। पूर्व के कुछ वर्षों में नौतपा तो राहत दे देते हैं लेकिन नौतपा के पहले की गर्मी ने जमकर तपाया है।


डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़े
शहर में गर्मी ने अब खतरनाक रूप लेना शुरू कर दिया है। आज दोपहर 1 बजे तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरे मौसम ने आमजन का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक और अधिक भीषण गर्मी पडऩे की चेतावनी जारी की है। लगातार बढ़ते तापमान का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, चक्कर आना, कमजोरी और हीट स्ट्रोक जैसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप और लू के कारण सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को है। दोपहर के समय बाहर निकलने वाले मजदूर, ट्रैफिक पुलिसकर्मी, डिलीवरी बॉय और खुले में काम करने वाले लोग भी गंभीर जोखिम में हैं।
शरीर में पानी की कमी से हो सकती है परेशानी
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार लगातार पसीना निकलने से शरीर में पानी और नमक की कमी होने लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ती है। यदि समय रहते शरीर को पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स नहीं मिलते, तो व्यक्ति हीट एक्सॉशन या हीट स्ट्रोक का शिकार हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक की स्थिति में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है और मरीज बेहोश भी हो सकता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।
बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा
विशेषज्ञों ने बताया कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का शरीर अत्यधिक तापमान को जल्दी सहन नहीं कर पाता। ऐसे में उन्हें बार-बार पानी पिलाना और धूप से बचाना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों ने बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनाने और घर से पानी की बोतल लेकर निकलने की सलाह दी है।
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Author: Jai Lok






