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प्रदेश महिला भाजपा अध्यक्ष पद पर अश्विनी परांजपे की नियुक्ति, प्रतिभा और समर्पण को मिला सम्मान, प्रदेश में बढ़ेगा जबलपुर का मान

जबलपुर (जयलोक)। अश्विनी परांजपे जबलपुर की महिला राजनीति का ऐसा नाम हैं जो पिछले तीन दशकों से प्रमुखता के साथ संस्कारधानी से लेकर राजधानी और फिर देश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं के समक्ष अपनी पहचान स्थापित करने में कामयाब हो रहा है। विशुद्ध रूप से बिना किसी नेता और आका का ठप्पा लगवाए केवल भाजपा संगठन की गाइडलाइन पर कदम ताल मिलाकर लंबा राजनीतिक सफर तय करने वालीं श्रीमती अश्विनी परांजपे राजवाड़े की प्रतिभा और उनके पार्टी के प्रति समर्पण को सम्मान मिला है। अश्विनी परांजपे को मिले इस सम्मान से निश्चित रूप से जबलपुर का स्वाभिमान पूरे प्रदेश में बढ़ा है।राजनीतिक प्रतिभाओं से ओतप्रोत जबलपुर की प्रतिभावान महिला नेत्री को 30 साल बाद प्रदेश महिला भाजपा मोर्चा के अध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद का नेतृत्व करने का जिम्मा प्राप्त हुआ है। इसके पूर्व में वरिष्ठ नेत्री श्रीमती जय श्री बनर्जी को यह दायित्व प्राप्त हुआ था।  बेहद ही साफ  सुथरी और स्पष्ट वादी नेत्रियों में अश्विनी परांजपे की गिनती होती है। उनकी इस नियुक्ति को अनुभव और सामंजस्य के लिए सकारात्मक दृष्टि से भाजपा द्वारा लिया गया निर्णय बताया जा रहा है। जमीन से जुड़े रहते हुए लंबे अरसे तक अश्विनी परांजपे ने संगठन में पार्टी द्वारा दी गई हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है और सकारात्मक परिणाम पेश किए हैं।

प्रतिभा के आधार पर थी 2023 में दावेदारी

प्रत्यक्ष रूप से तो श्रीमती अश्विनी परांजपे ने कभी मुखर होकर अपने लिए कोई पद और कोई टिकट नहीं माँगी। यह बात अवश्य है कि भाजपा के चुनाव और संगठन की नियुक्ति के दौरान जो भी सर्वे और मूल्यांकन के कार्य होते थे उसमें लंबे समय से श्रीमती अश्विनी परांजपे का नाम प्रमुखता से आता था।  दैनिक जय लोक ने भी वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने सर्वे में श्रीमती अश्विनी परांजपे की क्षमताओं और उनकी प्रतिभा के आंकलन पर उनकी दावेदारी की खबर प्रकाशित की थी।

अब बनेगा नया शक्तिकेन्द्र

मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने जबलपुर की भाजपा की महिला नेत्री श्रीमती अश्विनी परांजपे को प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त कर सबको चौंका दिया है। प्रदेश में मौजूद भाजपा की कई वरिष्ठ नेत्रियों के मौजूद रहते हुए भी अश्विनी परांजपे को प्रदेश महिला मोर्चा की कमान सौंपा जाना आश्चर्यचकित कर रहा है। विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति में अपनी कामयाबी का मुकाम बनाने वाली अश्विनी परांजपे ने लगातार अपनी सक्रियता के बूते भारतीय जनता पार्टी में महत्वपूर्ण पहचान बनाई। अभी तक वे प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष रही हैं। अब उनकी पदोन्नति हुई है और उन्हें अध्यक्ष के पद की बागडोर सौंप दी गई है। अश्विनी परांजपे के प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष बनने से अब वे भाजपा में भी अब एक नया शक्ति केन्द्र बनेंगी। प्रदेश की महिलाओं की राजनीति में उनका वर्चस्व भी बना रहेगा। मध्यप्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अश्विनी परांजपे का यह कहना है कि वे पिछले 25 सालों से राजनीति में सक्रिय हैं। अखिल विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू करने के बाद संगठन ने कई अलग-अलग जिम्मेदारियाँ उन्हें दी गईं जिसका निर्वहन उन्होंने बखूबी किया और लगातार अपनी सक्रियता भी बनाकर रखी। श्रीमती परांजपे का कहना है कि अब जबकि संगठन ने नई जिम्मेदारी दी है तो उसका ना सिर्फ  निर्वहन होगा, बल्कि महिलाओं के उत्थान और पार्टी के हित में सभी को साथ में लेकर काम किया जाएगा।

ऐसा रहा है कार्यकाल

अश्वनी 2000 से 2014 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में नगर मंत्री के बाद प्रदेश मंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य के पद पर नियुक्त रहीं। उन्होंने 2014 में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के चुनाव की बागडोर अमेठी में संभाली थी। अश्वनी परांजपे 2015 में महिला मोर्चा की सदस्य बनीं फिर इसी साल जबलपुर महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष भी बनी। 2015 से 2019 से अश्वनी परांजपे महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष रहीं। इसके बाद 2019 में ही महिला मोर्चा की वे प्रदेश महामंत्री बनी और वर्तमान में अश्वनी परांजपे इसी पद पर अभी तक कार्यरत रही हैं।

चोर को मिली तालीबानी सजा

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

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