
जबलपुर (जय लोक)।लगातार बारिश, जगह-जगह जमा पानी और दूषित पेयजल की आशंका के बीच जबलपुर में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। उल्टी, दस्त, पेचिश, हैजा, पीलिया और टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों के साथ मलेरिया और डेंगू की आशंका ने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि पड़ोसी जिला बालाघाट में मौसमी और संक्रामक बीमारियों के बीच कई लोगों की मौत की खबरों के बाद प्रशासनिक अमला अधिक सतर्क हो गया है।
शहर में लगातार बीमारियों से जुड़ी शिकायतें सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में मौसमी बीमारियों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बीमारियों की रोकथाम के लिए तैयार की गई सूक्ष्म कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

मलेरिया-डेंगू का खतरा बढ़ा
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने नागरिकों से अपील की है कि घरों की छत, कूलर और अन्य स्थानों पर अनावश्यक पानी जमा न होने दें। जमा पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है और मलेरिया व डेंगू का खतरा बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने दी सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई के साथ खान-पान और पेयजल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण जलजनित बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।


उल्टी-दस्त या बुखार हो तो तुरंत लें सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि शौचालय के उपयोग के बाद तथा भोजन बनाने और खाने से पहले साबुन और साफ पानी से हाथ धोना जरूरी है। बासी और लंबे समय से रखे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने की भी सलाह दी गई है।
Author: Jai Lok






