
जबलपुर (जय लोक)। अपने कार्य प्रणाली से शुरू से विवादित रहने वाला जबलपुर पुलिस में पदस्थ एक एसआई नितिन पांडे फिर चर्चाओं में आ गया है। गौर चौकी का प्रभारी रहते हुए भी यह बहुत विवादित कर्मों में लिप्त रहता था और जमीन खरीदी से लेकर वहां की होटल में अवैध रूप से शराबखोरी करवाने के लिए इनके ऊपर आए दिन आरोप लगते थे। इन्हीं सब दुष्प्रचार के कारण इस एसआई को वहां से हटा दिया गया था। कुछ दिनों पहले ही विभाग के अंदर इस बात की चर्चा जोरों पर उठी थी कि इस एसआई ने अपनी पोस्टिंग करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक पर राजनीतिक दबाव भी डलवाया था। जिसके बाद इसको जमकर फटकार भी लगी थी और यह लाइन हाजिर होते होते बचा था। अब एक बार फिर से यह विवादों में है। इस बार इसकी पत्नी प्राची पांडे और उसके परिजनों ने इस पर गंभीर आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज करवाई है।
महिला प्राची पाण्डे कि रिपोर्ट के बाद मदन महल थाना अंतर्गत बस स्टैंड चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर नितिन पांडे तथा उसके माता-पिता वा भाई पर एफआईआर दर्ज की गई है। जिले के पहरेवा सिहोरा निवासी प्राची पांडे ने मदन महल पुलिस को बताया कि उसका विवाह 8 दिसंबर 2016 को जबलपुर न्यू शोभापुर कॉलोनी अधारताल निवासी पुलिस विभाग से रिटायर्ड थाना प्रभारी नंदकिशोर पांडे के पुत्र मध्य प्रदेश पुलिस में पदस्थ एसआई नितिन पांडे के साथ हुआ था। वह शुरू से ही अपने मामा विधायक रहे स्व. प्रभात पांडे के घर पर रही है तथा वहीं पर उसकी परवरिश हुई है। उसका विवाह मामा के बेटे बहोरीबंद क्षेत्र से विधायक प्रणय पांडे द्वारा कराया गया था।
35 तोला सोना, 35 लाख नगद 40 तोला चांदी, स्कॉर्पियों सब पहले ही ले चुके – विवाह के दौरान मंगनी में 15 लाख रुपए नगद तथा उसके बाद की रस्म में 20 लाख रुपए नगद, 35 तोला सोना, 40 तोला चांदी, स्कॉर्पियो वाहन तथा घर गृहस्थी का पूरा सामान दहेज में दिया गया था। इस सबके बावजूद और रुपए लाने के लिए उसके पति, ससुर, सास सीमा पांडे तथा देवर सुमित पांडे लगातार प्रताडि़त करते रहे। हमेशा कहा जा रहा था कि जब तक फॉर्च्यूनर गाड़ी नहीं लाओगी तब तक तुम्हें नहीं रखा जाएगा।
कोर्ट में भी लगाया था मामला, फिर वापस लिया – महिला थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में प्राची पांडे ने कहा है कि इस बीच सब इंस्पेक्टर नितिन पांडे ने न्यायालय में एक मामला लगा दिया, जिसमें उसने मांग की कि वह अपनी पत्नी प्राची पांडे के साथ रहना चाहता है लेकिन वह रहने को तैयार नहीं है। प्राची पांडे ने जब अदालत को यह बताया कि वह रहना चाहती है, उसका पति और ससुराल वाले घर से भगा देते हैं। इस स्थिति में सब इंस्पेक्टर नितिन पांडे द्वारा मामले को 4 साल बाद वापस ले लिया गया। लेकिन बाद में पूर्व की स्थितियाँ ही बनी रहीं।
सूबेदार भाई पर भी दर्ज हो चुका मामला
गौरतलब हैं कि एसआई नितिन पांडे के उमरिया में रक्षित निरीक्षक के पद पर पदस्थ भाई राहुल पांडे पर सूबेदार रहते हुए दहेज एक्ट का प्रकरण दर्ज हो चुका हैं। वह भी रायपुर निवासी पत्नी को दहेज के लिए यातना देता था। जिस पर पुलिस द्वारा राहुल के साथ पिता नंद किशोर, सास सीमा, भाई नितिन, सुमित को भी आरोपी बनाया गया था।

Author: Jai Lok







