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बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हॉट एयर बैलून में लगी आग, हवा की रफ्तार अधिक होने से नहीं उड़ सका

मंदसौर।मध्यप्रदेश के गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के पास हिंगलाज रिसोर्ट में नाइट हाल्ट के बाद आज शनिवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हॉट बैलून में सवार हुए, लेकिन हवा की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रतिघंटा होने से बैलून नहीं उड़ सका। इस दौरान उसके निचले हिस्से में आग लग गई, जिसे वहां मौजूद कर्मचारियों ने बुझाया। दूसरी ओर, सीएम डॉ. यादव जिस ट्रॉली में सवार थे, उसे सिक्योरिटी गार्ड्स ने संभाले रखा, जिससे डॉ. यादव सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार शाम को गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट में गांधीसागर फेस्टिवल के चौथे संस्करण की शुरुआत की थी। रात में वे रिट्रीट के पास हिंगलाज रिसोर्ट में ही रुके थे। उन्होंने क्रूज पर सवार होकर चंबल डैम के बैक वाटर एरिया घूमा। शनिवार सुबह वे रिट्रीट पहुंचे। यहां बोटिंग का लुत्फ उठाया।

सांसद के साथ हॉट एयर बैलून में बैठे थे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता के साथ हॉट एयर बैलून के रोमांचकारी सफर पर निकल रहे थे, लेकिन उस समय हवा की रफ्तार ज्यादा थी। इस वजह से बैलून उड़ नहीं सका। जब उसमें एयर भरी जा रही थी, वह नीचे झुक गया। जिससे निचले हिस्से में आग लग गई। इसके ठीक नीचे सीएम थे। इसके चलते सीएम सिक्योरिटी भी अलर्ट हुई और ट्रॉली को संभाले रखा। दूसरी ओर, एक्सपर्ट और कर्मचारियों ने आग को बुझाया।

सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया-कलेक्टर
कलेक्टर अदिति गर्ग ने बयान जारी कर कहा कि एयर बैलून में सुरक्षा के संबंध में किसी तरह की कोई चूक नहीं हुई है। मुख्यमंत्री जी केवल एयर बैलून को देखने के लिए गए थे। हॉट एयर बैलून, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, गर्म हवा का गुब्बारा होता है।

बैलून में हवा की रफ्तार जीरो होनी चाहिए
एक्सपर्ट ने बताया कि सुबह 6 से 7:30 बजे के बीच हवा की रफ्तार न के बराबर रहती है। हॉट एयर बैलून में हवा की रफ्तार जीरो होनी चाहिए, लेकिन जब सीएम सवार हुए, तब रफ्तार 15 से 20 किमी प्रतिघंटा तक थी। इस वजह से बैलून ऊपर नहीं जा सका।

बैलून का कपड़ा फायर प्राूफ
हॉट एयर बैलून पायलट इरफान ने कहा कि यह बैलून एलपीजी से चलता है। इसमें दो सिलेंडर लगते हैं। जैसे ही एलपीजी से हीट देंगे तो ऊपर जाएगा। नीचे लाने के लिए भी हीट देनी पड़ती है। बर्नर में आग एलपीजी से ही लग रही है। बर्नर को खड़ा रखेंगे, तभी बैलून में हीट जाएगी। क्लोज करने के समय ही बर्नर को बंद करते हैं। बैलून का कपड़ा फायर प्रूफ है। वह पूरी तरह से सेफ है। मैंने केरला में इसकी ट्रेनिंग ली है। सात साल से इसे चला रहा हूं। मैंने कई राइड कराई हैं।

कहां विदेश जाना यही पर सब कुछ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गांधीसागर महासागर के समान है। यहां प्राकृतिक रूप से भी वन्यजीव संपदा है। मैं रात में यही रुका था और वाटर एक्टिविटी में शामिल हुआ। पर्यटकों के लिए यह स्वर्ग समान है। कहां विदेश जाना? यही पर ऐसी धरोहर और स्पॉट हैं।

दीपक सक्सेना जनसंपर्क आयुक्त , राघवेन्द्र सिंह और प्रीति यादव ने संभाला कलेक्टर का पदभार

Jai Lok
Author: Jai Lok

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