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ब्रांडेड बोतल में सस्ती शराब की डिलीवरी, 500 रु. की शराब 5 हजार में बेच देते

भोपाल आबकारी पुलिस ने ग्राहक बनकर पकड़ा

भोपाल ,जय लोक।
भोपाल में आबकारी विभाग ने ब्रांडेड शराब की 120 बोतलें जब्त की हैं, इनमें सस्ती शराब भरी हुई थी। गिरोह कबाड़ से खाली बोतलें, स्टिकर और ढक्कन का जुगाड़ कर उनमें 400-500 रुपए की शराब भरकर बेच देता। इससे एक बोतल सीधे 5 से 9 हजार रुपए तक की कीमत की हो जाती। आबकारी पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा है, इनमें एक एएसआई का बेटा है। भोपाल में दो साल से सस्ती शराब को महंगी बताकर बेचा जा रहा था। इनकी डिलीवरी ऐसे स्टूडेंट्स से कराई जाती, जो महंगे शौक रखते हैं। गिरोह केवल फंक्शन में ही शराब सप्लाई करता था, ताकि एक साथ ज्यादा से ज्यादा बोतलें बिक जाए। 20 से 50त्न तक डिस्काउंट भी देते थे। कई बार आरोपी पत्नी-बच्चों से शराब सप्लाई करवाते ताकि पुलिस को शक न हो। 10 जुलाई को आबकारी पुलिस ने एमपी नगर स्थित चेतक ब्रिज के पास से रितिक चौधरी को पकड़ा। उसके पास सफेद रंग की एक्टिवा थी। चेक करने पर एक्टिवा में ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की 12 बोतल मिलीं। इनके स्टिकर और ढक्कन असली बोतलों से मैच नहीं कर रहे थे। एक बोतल की बाजार में कीमत करीब 20 हजार रुपए तक है। जांच की गई तो बोतलों में सस्ती शराब निकली। इसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस ने ग्राहक बनकर आरोपियों को पकड़ा
सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचूरा ने बताया, एक्टिवा से अवैध शराब जब्त करने के बाद रितिक से सख्ती से पूछताछ की गई। उसने बताया कि प्रशांत साथियों के साथ डिलीवरी करने वाला है। पुलिस ने प्रशांत को कॉल करके शराब की डिमांड की। इस पर प्रशांत ने डिलीवरी की लोकेशन और टाइम बताया। आरोपी आबकारी पुलिस के ट्रैप में फंस गए। आबकारी पुलिस न्यू सुभाष नगर विश्रामघाट रोड पर पहुंची। यहां काले रंग की कार रुकी। पुलिस ने कार में सवार प्रशांत सिंह, गजेंद्र सिंह गुर्जर और आर्यन सिंह मीणा को पकड़ लिया। गाड़ी की डिग्गी चेक की, इसमें 4 बोरी और एक बैग में कुल 108 अंग्रेजी शराब की बोतल थीं। इनमें ग्लेनलिविट 12 साल, इंद्री, गोल्ड लेबल, ग्लेनलिविट 15 साल, ग्लेनलिविट 1824 कैरेबियन रिजर्व और 8 पीएम हैं।
एक बोतल डिलीवर करने के मिलते थे 200-300 रु.
सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचूरा ने बताया, मुख्य आरोपी गजेंद्र गुर्जर का दो साल पुराना रिकॉर्ड है। उसे पहले भी अवैध शराब के मामले में पकड़ा गया है। आर्यन सिंह मीणा कॉलेज स्टूडेंट है। वह एक दिन पहले ही परीक्षा देकर आया था। उसके पिता सीहोर जिले में एएसआई हैं। रितिक चौधरी भी स्टूडेंट है। मुख्य आरोपी गजेंद्र, आर्यन-रितिक जैसे स्टूडेंट्स को रुपए का लालच देकर शराब की डिलीवरी करवाता था। एक बोतल डिलीवर करने का 200-300 रुपए देता था। आबकारी पुलिस ने आरोपियों से एक्टिवा और कार जब्त कर ली है। अब संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) के एक कबाड़ी को तलाश रही है, जिससे आरोपी खाली बोतल, स्टिकर और ढक्कन लेते थे। कबाड़ी फरार हो गया है।
बियर में मिलावट नहीं कर पाते
सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमिताभ त्रिपाठी ने बताया, आरोपी बियर में मिलावट नहीं कर पाते थे। विस्की, रम आदि में ही असली की जगह लोकल ब्रांड की शराब भरते थे। शराब के सैंपल लैब में भेजे जा रहे हैं।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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