
जबलपुर (जयलोक)। पहले यह सभी की सोच से बाहर था कि जबलपुर में भी स्पेन और ब्राजील सहित अन्य देश से शिक्षक नगर के बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन देने यहां आकर पढ़ाएंगे। लेकिन यह मुमकिन कर दिखाया है ब्रिटिश फोर्ट फाऊंडेशन के संचालक अंतरराष्ट्रीय प्रेरक और लेखक डॉ. अनुराग सोनी ने। विगत दिनों अपने अंतरराष्ट्रीय दौरे पर वर्तमान शिक्षा के स्तर को और सुधार करने के लिए अपनी यात्रा के दौरान एक बार फिर डॉ. अनुराग सोनी ने स्पेन और ब्राज़ील से दो शिक्षकों को जबलपुर आकर ब्रिटिश फोर्ट फाऊंडेशन स्कूल में अपनी सेवाएं देने और विशेष कोर्स के माध्यम से बच्चों को मार्गदर्शन देने के लिए आमंत्रित किया है। हाल ही में इन दोनों शिक्षिकाओं वर्जीनिया और ब्राज़ील से आईं स्पोट्र्स और एक्टिविटी की शिक्षिका जूलिया ने बच्चों से मुलाकात की और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले खेलकूदों उसके मानकों को उसके स्तर की तैयारी के बारे में जानकारियाँ दी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लिश शिक्षिका वर्जीनिया ने भी बच्चों को मार्गदर्शन दिया और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतिस्पर्धाओं के संबंध में बताया और इसकी तैयारी करने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। स्कूल के चेयरमैन अंतरराष्ट्रीय लेखक एवं प्रेरक डॉक्टर अनुराग सोनी ने कहा कि अब तक लगभग सौ से अधिक विदेशी शिक्षक ब्रिटिश फोर्ड फाउंडेशन के स्कूल में पढ़ा चुके हैं और यह मध्य भारत का पहला स्कूल है जहाँ विदेशी शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देते हैं। विद्यार्थियों का ग्लोबल एक्सपोजर देने के लिए विदेशी शिक्षकों को आमंत्रित किया जाता है। विदेशी आने वाले शिक्षकों के जबलपुर आगमन से कहीं ना कहीं यहां के पर्यटन को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और पहचान स्थापित करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही जबलपुर की ब्रांडिंग भी विदेश में होती है।

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Author: Jai Lok







