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भव्य रूप से मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री हुए शामिल, पीएम ने दिया वचुर्अल संबोधन

जबलपुर (जयलोक)। भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर शहर में आज जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव , उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ कुंवर विजय शाह, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह शामिल हुए। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दोपहर बाद समन्वय चौक से रोड शो प्रारंभ हुआ।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गुजरात के नर्मदा जिले से वर्चुअल संबोधन हुआ। इस कार्यक्रम में लगभग 45 हजार लोग शामिल हुए। इस आयोजन की परिकल्पना इस प्रकार की गई है कि इसमें जनजातीय समाज की संस्कृति और पंरपराओं की झलक स्पष्ट दिखाई दे। जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम सदर स्थित गैरिसन ग्राउंड में हुआ। कार्यक्रम में शामिल हुए अधिकांश केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जनजातीय वर्ग के हित में चलाई जा रही योजनाओं के हितग्राही हैं। इतनी बड़ी संख्या में हितग्राहियों की बैठक व्यवस्था के लिये कार्यक्रम स्थल को 30 सेक्टरों में बांटा गया है।

महानायकों की प्रदर्शनी लगी

जनजातीय गौरव दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जनजातीय समाज की संस्कृति और पंरपराओं तथा भगवान बिरसा मुंडा, वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह सहित देश की आजादी के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जनजातीय महानायकों के जीवन पर केंद्रित प्रदर्शनी  लगाई गई। जिसमें प्रदर्शनी के माध्यम से उनके जीवन परिचय को बताया गया।

 जनजातीय उत्पाद और व्यंजन रहे आकर्षण का केन्द्र

स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में गोंड, बैगा, भील, कोल, कोरकू, भारिया और सहरिया जनजाति की संस्कृति को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित करने अलग-अलग गैलरी बनाई गई। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्र के उत्पाद एवं व्यंजन भी इस प्रदर्शनी में आकर्षण का केन्द्र रही। केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा जनजातीय वर्ग के लिये संचालित योजनाओं के स्टॉल भी प्रदर्शनी में लगाये गए।

इन हस्तियों का हुआ सम्मान

जनजातीय समाज के प्रमुखों तथा पद्मश्री भज्जू श्याम, पदम अर्जुन सिंह धुर्वे, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य क्रांति गौंड, अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज रागिनी मार्को और सृष्टि सिंह सहित राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश एवं प्रदेश का मान बढ़ाने वाली जनजातीय समाज की हस्तियों का सम्मान भी इस कार्यक्रम में किया गया।

सीएम का हुआ रोड शो

देश की आजादी के लिये संघर्ष तथा शोषणकारी औपनिवेशिक व्यवस्था के खिलाफ  प्रतिरोध का नेतृत्व करने वाले जनजातीय महानायकों का स्मरण करने आयोजित किये गए गौरव दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा भगवान बिरसा मुंडा, वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह एवं टंट्या भील के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
कार्यक्रम के शुभारंभ के पहले मुख्यमंत्री समन्वय चौक से सृजन चौक तक रोड शो में शामिल हुए। डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा कार्यक्रम में जनजातीय समाज के लिये संचालित योजनाओं के तहत हितलाभों का वितरण और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया गया।

स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगे

जनजाति गौरव दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन भी किया गया। सिकल सेल एनीमिया तथा आदि कर्मयोगी अभियान पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी इस अवसर पर किया गया। शालिनी एप का लोकार्पण भी इस कार्यक्रम में हुआ। विदेश अध्ययन छात्रवृति योजना के तहत विदेश में अध्ययनरत जनजातीय समाज के मेधावी छात्रों का सम्मान भी कार्यक्रम में किया गया।

ढोल की थाप पर थिरके मंत्री विजय शाह

मध्यप्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह ढोल की थाप पर थिरकते हुए दिखाई दिए। मंत्री विजय शाह अचानक मंच के सामने पारंपरिक नृत्य कर रहे आदिवासी कलाकारों के बीच उतर गए और भीड़ का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस दौरान श्री शाह ने ढोल बजा रहे कलाकार से ढोल लिया और खुद बजाना शुरू कर दिया। यह देख पंडाल तालियों से गूंज उठा। मंत्रीजी की ढोल थाप के साथ कलाकारों ने अपनी लय और तेज कर दी और कुछ देर के लिए पूरा मंच एक सांस्कृतिक उत्सव स्थल में बदल गया। इस दौरान मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह दिन जनजातीय गौरव दिवस सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का दिन है। कलाकारों को इतने जोश में नाचते-गाते देखा, तो खुद को रोक नहीं पाया और उनकी परंपरा में शामिल हो गया। उन्होंने कहा कि ढोल हमारी पंरपरा का हिस्सा है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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