
गर्म लोहे पर हथौड़ा मारने पर अड़े बिजली कर्मी, बैकफुट पर भाजपा
जबलपुर जय लोक। 19 जून से चले आ रहे पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आने वाले विजयनगर डिवीजन के घटनाक्रम जिसमें भाजपा के पदाधिकारी पार्षद और विद्युत मंडल के अधिकारी कर्मचारियों के बीच मारपीट हंगामा कार्यालय में तोडफ़ोड़ जैसी घटनाएं घटित हुई। शासकीय अधिकारियों की रिपोर्ट पर पुलिस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। विरोध में भाजपा के कई विधायक नगर संगठन के नेता कोतवाली थाने के सामने 4 घंटे तक धरना प्रदर्शन पर बैठे रहे। यह पूरा मामला काफी गर्म चुका है। भाजपा नेताओं के धरना प्रदर्शन के दबाव में पुलिस ने काउंटर केस दर्ज करते हुए विद्युत मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद विद्युत मंडल के अधिकारी और यहां कर्मचारियों के हित में काम करने वाली यूनियन सडक़ पर उतर आई और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा पार्षद का पति विजयनगर में मात्र छाया के नाम से अवैध प्लाटिंग कर सीधे चोरी के बिजली कनेक्शन कर रहा है। बिजली विभाग की तरफ से जारी विज्ञप्ति में पार्षद पति पुष्पेंद्र सिंह के नाम से तीन से चार बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी सार्वजनिक की गई। अब कल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जबलपुर प्रवास पर आ रहे हैं। कोतवाली थाने के सामने प्रदर्शन के दौरान भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा था कि इस पूरे मामले को वह मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे। विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के तानाशाही वाले व्यवहार और आम उपभोक्ताओं के साथ गाली गलौज मारपीट किए जाने की शिकायतों को प्रदेश के मुखिया के समक्ष रखा जाएगा। क्योंकि विद्युत कर्मियों की इन हरकतों से शासन की छवि धूमिल हो रही है।
वही जब विद्युत कर्मचारियों की ओर से रैली निकाल कर प्रदर्शन किया गया उस दौरान भी प्रदर्शनकारियों ने यह कहा था कि वह उनके साथ हुए अन्याय की बात को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाएगे। कल स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री जबलपुर आ रहे हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि दोनों पक्ष के लोग अपनी-अपनी बातें मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं।
वहीं इस बात की भी चर्चा गर्म है कि दोनों पक्षों के बीच में राजीनामा कराए जाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने इस बात की पहल की है। इस पूरे मामले को लेकर विद्युत विभाग की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद भाजपा बैक फुट पर आ गए हैं। प्रदर्शन में मौजूद भाजपा के अधिकांश नेताओं को मामले की सही जड़ की जानकारी बाद में लगी। दोनों पक्ष की ओर से जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है उनके बीच में मध्यस्थता का क्रम जारी है और पूरी संभावना है कि कल सोमवार को न्यायालय के समक्ष दोनों पक्ष प्रस्तुत होकर अपने वकीलों के माध्यम से राजीनामा कर इस पूरे मामले का पटापेक्ष कर दें।
जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
इसके पूर्व में विद्युत मंडल के कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन के दौरान स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि अगर उनके अधिकारियों और कर्मचारियों पर भाजपा के नेताओं के दबाव में दर्ज किए गए झूठे मामले को खारिज नहीं किया जाता तो फिर विद्युत विभाग के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी कर्मचारी सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और इसके खिलाफ जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। हालांकि राजीनामा की चर्चा शुरू हो जाने पर किसी भी यूनियन ने जेल भरो आंदोलन के संबंध में आगे की रणनीति का खुलासा नहीं किया है। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा बैक फुट में नजर आ रही है। पार्षद पति पर विद्युत मंडल के अधिकारियों द्वारा खुलेआम अवैध कॉलोनी और बिजली चोरी करने के आरोप लगाए गए। उसके खिलाफ दर्ज पाँच प्रकरणों का हवाला देकर 20 से 25 लाख रूपये जुर्माने की राशि को ना भरने के लिए ये सब दबाव डालने के लिए किये गए हंगामें के आरोप लगाए गए। विद्युत मंडल के अधिकारियों ने कहा कि उनके पास इन सारे आरोपों के प्रमाण मौजूद हैं। पार्षद पति पुष्पेंद्र सिंह ने इन सभी आरोपी को खारिज कर दिया है। भाजपा पार्षद अतुल जैन दाणी का कहना है कि वह कई बार विजयनगर डिवीजन में अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर गए और अधिकारियों की बदतमीजी और सुनवाई न करने के कारण ही बार-बार बहस होने की स्थिति निर्मित हुई। जनप्रतिनिधि के रूप में यह उनका कार्य है कि वह अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए आगे आएं। विद्युत मंडल के अधिकारियों कर्मचारी और विशेष तौर पर आउटसोर्स के कर्मचारी की बदतमीजी और तानाशाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार की छवि खराब होती है।

Author: Jai Lok







