
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी तथा सदानंद जी ने भी इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण की
नरसिंहपुर/जबलपुर (जयलोक)।नरसिंहपुर की प्राचीन श्री मुक्तानंद संस्कृत पाठशाला का जीर्णोद्वार किया जाएगा। जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ द्वारका पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी सरस्वती द्वारा किया गया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे। 1941 में स्थापित श्री मुक्तानंद संस्कृत पाठशाला में गुरुकुल पद्धति से शिक्षा दी जाती है। कक्षा छठवीं से 12वीं तक के छात्रों को इस विद्यालय में संस्कृत वेद शास्त्र के साथ-साथ आधुनिक विषयों पर आधारित शिक्षा भी दी जाती है।
श्री मुक्तानंद संस्कृत पाठशाला का ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि इस पाठशाला में ज्योतिष पीठ एवं द्वारका पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी सरस्वती तथा द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद जी सरस्वती ने भी शिक्षा प्राप्त की है। इस पाठशाला से उन युवाओं को नई दिशा मिलेगी जो संस्कृत माध्यम से अपने भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं।
अजित वर्मा जी द्वारा स्थापित जयलोक का 34 वें वर्ष में प्रवेश
Author: Jai Lok







