
भोपाल (जयलोक)। मध्य प्रदेश में लंबे समय से रुकी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अब फिर से शुरू हो गई है। लगभग एक दशक के इंतजार के बाद विधानसभा सचिवालय ने सबसे पहले अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पदोन्नति आदेश जारी किए हैं। सरकार के हालिया निर्णय के बाद माना जा रहा है कि अन्य विभाग भी जल्द अपने कर्मचारियों की पदोन्नति सूची जारी करेंगे। सरकार ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के क्रियान्वयन पर किसी भी न्यायालय की अंतरिम रोक लागू नहीं है। हालांकि, यह भी कहा गया है कि दी जाने वाली सभी पदोन्नतियां हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद से पदोन्नतियों पर लगभग विराम लग गया था। आरक्षण संबंधी विवाद न्यायालय पहुंचने के कारण विभागों में नियमित प्रमोशन नहीं हो पाए। अब नए नियम लागू होने के बाद सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी है।
विधानसभा सचिवालय में इन अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला लाभ- विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजेंद्र वर्मा, रविंद्रनाथ दुबे, नरेंद्र कुमार मिश्रा, मोहनलाल मीणा और माधव दफ्तारी को पदोन्नत कर अवर सचिव बनाया गया है। इसी तरह, पुस्तकालय एवं अनुसंधान शाखा के वी.डी. गोयल को निदेशक (पुस्तकालय, अनुसंधान एवं संदर्भ) के पद पर पदोन्नति मिली है। रिमझिम मोगिया और अजय कुमार चौरे को चयन श्रेणी रिपोर्टर बनाया गया है।
वहीं नरेश कुमार हिमतानी को प्रोसीडिंग एडिटर, हरीश कुमार श्रीवास को प्रशासनिक अधिकारी, महावीर सिंह को सूचना अधिकारी तथा विनोद कुमार दुबे और रूपेश सिंह को स्टाफ अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया है।
अन्य विभाग भी तैयार कर रहे हैं सूची- सरकारी सूत्रों के अनुसार, विभिन्न विभागों में भी पदोन्नति से संबंधित प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द ही अलग-अलग विभागों में भी कर्मचारियों के प्रमोशन आदेश जारी किए जा सकते हैं।
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Author: Jai Lok






