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यह संस्कारधानी है भाई हम गले क्या मिले ये जमाना जल उठा…

जबलपुर (जयलोक)
संस्कारधानी की राजनीति में इन दिनों बड़ी हलचल मची हुई है। विशेषकर उत्तर मध्य विधानसभा के भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच चले रहे सम्बन्ध निर्वाहन के क्रम ने तो चर्चाओं का बाजार गर्म कर रखा है। मामला भी ऐसा है कि भाजपा के एक विधायक, कांग्रेस के वर्तमान नगर अध्यक्ष, एवं नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल के मुख्य सचेतक अलग-अलग पृष्ठभूमि के कार्यक्रमों में, अलग-अलग दिन गले क्या मिल लिए.. मानो यह जमाना उनसे जल उठा….। संस्कारधानी के संस्कारों के अनुरूप किसी के जन्मदिन पर, किसी के कार्यालय उद्घ़ाटन पर मिलकर बधाई देना सामान्य बात समझा जाता है। लेकिन बात जब दो विरोधी राजनीतिक दलों के लोगों के बीच गले मिलने की हो तो स्वाभाविक सी बात है कि अन्य लोगों के कान भी खड़े हो जाते हैं और आंखें भी तेज हो जाती है और जुबान की तो पूछिए ही मत उसकी पहुंच तो सीमा से बाहर निकल जाती।
वर्तमान में भी उत्तर मध्य क्षेत्र की राजनीति में कुछ फोटो जमकर सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहे हैं और राजनीतिक चर्चाओं की सुर्खियां भी बने हुए हैं। वैसे तो संस्कारधानी के संस्कारों के अनुरूप किसी के सुख-दुख में खड़ा होना हर शहर वासी का धर्म होता है और सामान्य तौर पर इसे सहज रूप से ही लिया जाता है। लेकिन जब गले मिलने की ऐसी तस्वीरें में कारण और संबंध की गहराई तलाशी जाने लगे और अपने-अपने राजनीतिक चश्मों से इसे देखा जाना लगे तो मामला अलग हो जाता है।
मामला है उत्तर मध्य क्षेत्र के विधायक भाजपा नेता अभिलाष पांडे और कांग्रेस पार्षद दल के मुख्य सचेतक अयोध्या तिवारी के गले मिलने का फोटो का।  यह फोटो विगत दिनों भाजपा विधायक के कार्यालय उद्घाटन के दौरान बधाई देने पहुंचे कांग्रेस पार्षद दल के मुख्य सचेतक अयोध्या तिवारी की भेंट के वक्त का बताया जा रहा है। दूसरी चर्चित फोटो है कांग्रेस के वर्तमान नगर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा और भाजपा के विधायक अभिलाष पांडे के गले मिलने का। यह फोटो विगत दिनों कांग्रेस के नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा के जन्मदिन के अवसर का बताया जा रहा है। वैसे तो इन फोटो को देखकर असामान्य बात नजर नहीं आ रही। लेकिन कांग्रेस के एक युवा नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इन दोनों गले मिलने वाली फोटो पर असमान्य बातों को इंगित करते हुए कई विषय उठा दिए हैं। कांग्रेस के युवा नेता ने अपनी पोस्ट में यह लिख दिया कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जिन वार्डों से कांग्रेस का सूपड़ा साफ  हुआ उन वार्ड के नेताओं से उत्तर मध्य के विधायक का प्रेम देखकर ऐसा लगता है की पूरी शिद्दत से कांग्रेस को ठोका होगा। कांग्रेस के युवा नेता पंकज पटेल ने अपने विचारों की अभिव्यक्ति का उपयोग करते हुए सोशल मीडिया पर गले मिलने वाली इन फोटो पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इस प्रतिक्रिया के साथ यह दोनों फोटो जबलपुर के राजनीतिक क्षेत्र से लेकर भोपाल के राजनीतिक गलियारों तक जमकर वायरल हुई।
संस्कारधानी के जनप्रतिनिधि के रूप में प्रतिनिधित्व करने वाले फोटो में नजर आ रहे नेताओं ने इसे संस्कारधानी की परिपाटी के अनुरूप सामान्य घटनाक्रम बताते हुए एक दूसरे के सुख-दुख में खड़े होने और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संस्कारधानी के अनुरूप किए गए कार्य की संज्ञा दी है। अब इस मामले को लेकर राजनीति के क्षेत्र से जुड़े लोग अपने-अपने हिसाब से चर्चा कर रहे हैं और अपने-अपने हिसाब से इन घटनाक्रमों की व्याख्या कर रहे हैं। लेकिन यह बात जरूर स्पष्ट समझ में आ रही है कि फोटो में नजर आ रहे नेतागणों के मन में यह बात जरूर आ रही होगी कि हम गले क्या मिले यह जमाना जल उठा….।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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