
ग्रामीण अध्यक्ष शुभम श्रीवास्तव पर लगे आरोप से पीछे हटी युवती, कहा पैसे के लेनदेन का था विवाद
एएसपी को आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं, मामले में बोलने से कतराते रहे टीआई ने नहीं उठाया फोन
जबलपुर (जय लोक)। जबलपुर के दो युवा कांग्रेस के नेताओं पर दो अलग -अलग मामलों में बलात्कार के गंभीर आरोप लगे हैं। एक मामले में लार्डगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज हो गई है। लॉर्डगंज थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के नव निर्वाचित प्रदेश सचिव ऋषभ मिश्रा जो पूर्व पार्षद और खनन कारोबारी द्वारका मिश्रा के पुत्र हैं के खिलाफ एक युवती ने लार्डगंज थाने में रेप की एफआईआर दर्ज कराई है। दूसरे मामले में कांगे्रस नेता विनोद श्रीवास्तव के बेटे शुभम उफऱ् राजा श्रीवास्तव के खिलाफ भी एक शिकायत पुलिस के पास आई थी जिसमें एक युवती ने आरोप लगाया है कि दो सालों से वह शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ दुराचार कर रहा था। इस मामले में शिकायतकर्ता युवती पलट गई है और उसने पुलिस को शपथ पत्र दे दिया है कि उसके और राजा के बीच में पैसे के लेनदेन का विवाद था और इसी वजह से उसने आवेश में आकर यह आरोप लगाए थे अब वह इस मामले में कोई कार्रवाही नहीं चाहती है।

मामला इसलिए अधिक चर्चा में आ गया क्योंकि दोनों ही युवक युवा कांग्रेस के चुनाव में पदाधिकारी बने हैं। ऋषभ मिश्रा प्रदेश सचिव के पद पर निर्वाचित हुए हैं, वही शुभम उर्फ राजा श्रीवास्तव ग्रामीण कांग्रेस पद पर निर्वाचित हुए हैं। दोनों ही युवक कांग्रेस नेताओं के पुत्र हैं।

ब्लैकमेलिंग करने की दी लिखी शिकायत
राजा उर्फ शुभम श्रीवास्तव कांग्रेस नेता और खनन कारोबारी बुढागार के रहने वाले कांगे्रस नेता के पुत्र है। इनकी ओर से भी थाने में शिकायत दी गई है कि उक्त युवती ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से झूठी शिकायत दर्ज करवा रही है। इसके साथ ही पूर्व में भी युवती के द्वारा ब्लैकमेल किया गया था जिस पर दबाव में आकर राजा उर्फ शुभम ने लडक़ी के खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए थे। इससे संबंधित साक्ष्य भी शिकायत के साथ पुलिस जांच हेतु दिए गए हैं। विजयनगर थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह मर्सकोले दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रहे थे। थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि युवती ने शपथ पत्र देकर कार्रवाही ना करने और आवेश में आकर शिकायत करने की बात कही है।
वहीं लार्डगंज थाने में ऋषभ मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार आधारताल में रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि वह घरेलू काम करती है। उसका विवाह वर्ष 2016 में हुआ था। उसकी एक बेटी भी है। महिला के अनुसार वर्ष 2020 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान ऋषभ मिश्रा से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। इस दोस्ती की जानकारी जब महिला के पति को लगी तो उनके बीच विवाद बढऩे लगा। बाद में महिला अपनी बेटी के साथ पति से अलग रहने लगी।

महिला और उसकी बेटी को गोवा घुमाने ले गया था ऋषभ
महिला का आरोप है कि मार्च 2022 में ऋषभ उसे उखरी रोड स्थित एक होटल में ले गया था। वहां शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद दिसंबर 2025 में ऋषभ मिश्रा महिला और उसकी बेटी को लेकर गोवा गया था। वहां उसने होटल में रुकने के दौरान फिर से कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
ऋषभ की शादी तय हुई तो सामने आई महिला
महिला ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 में उसे जानकारी मिली कि ऋषभ मिश्रा की शादी कहीं और तय हो चुकी है। इसके बाद जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और कहा कि वह पहले से शादीशुदा है, इसलिए उससे विवाह नहीं कर सकता।
जान से मारने की धमकी देने का आरोप
महिला का आरोप है कि शादी का झांसा देकर आरोपी ने कई वर्षों तक उसका शोषण किया। बाद में जान से मारने की धमकी दी। महिला ने बताया कि धमकियों के चलते वह लंबे समय तक डरी रही। इस संबंध में अपनी मां और जीजा को भी जानकारी दी।
एएसपी को आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं, मामले में बोलने से कतराते रहे टीआई ने नहीं उठाया फोन
इस मामले में हाई प्रोफाइल लोगों के द्वारा कल रात से दबाव बनाने की बात चर्चा में आ रही है। कांग्रेस के कुछ पार्षद भी इस मामले में थाने पहुंचे थे जो देर रात तक वहाँ मौजूद थे। इस मामले में पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही को बताने से बचने के लिए लॉर्डगंज थाना प्रभारी नवल सिंह आर्य ने फोन उठाना ही बंद कर दिया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर जोन 1 आईपीएस आयुष गुप्ता को ये जानकारी नहीं थी की इतने गंभीर अपराध की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई है या नहीं। इस मामले की एफआईआर कल रात दर्ज हो गई थी। सूत्रों के अनुसार आरोपी की गिरफ़्तारी भी हुई है। लेकिन पुलिस की ओर से इस अधिकृत जानकारी देने में आनाकानी करना अपने आप में कई सवाल उठ रहे हैं।
Author: Jai Lok






