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रिश्वतखोर अधिकारियों पर लोकायुक्त का शिकंजा

राँझी टैक्स कलेक्टर तीन हजार और कटनी में प्रभारी कार्यपालन यंत्री 20 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ाए

जबलपुर (जयलोक)। शासकीय कार्यालयों में छोटे छोटे काम भी बिना चढ़ावे के पूरे नहीं हो रहे हैं। आलम यह हो गया है कि चपरासी लेकर उच्च पद पर बैठे अधिकारी भी रिश्वत की माँग कर रहे हैं। इस रिश्वत के मकडज़ाल का खुलासा आज लोकायुक्त की दो कार्रवाहियों से हुआ है। जिसमें पहली कार्रवाही रांझी नगर निगम जोन कार्यालय में पदस्थ टैक्स कलेक्टर के खिलाफ की गई तो वहीं दूसरी कार्रवाही कटनी में की गई। लोकायुक्त की टीम ने यहां रिश्वत लेत हुए प्रभारी कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन विभाग को पकड़ा है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाही की गई है।

लोकायुक्त ने पकड़ा रिश्वतखोर टैक्स कलेक्टर
लोकायुक्त की टीम ने आज रिश्वतखोर नगर निगम के टैक्स कलेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को तीन हजार रूपयों की रिश्वत के साथ पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाही लोकायुक्त की टीम ने आज सुबह रांझी जोन कार्यालय में की है। यहांं पदस्थ टैक्स कलेक्टर (टीसी) को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आवेदक दीपक कुशवाहा की पत्नी के नाम नजूल का मकान है, जिसकी टेक्स रसीद में पुराने टेक्स धारक की जगह अपनी पत्नी का नाम चढ़वाने के एवज में आरोपी चन्द्रभान नोनिया, कर संग्रहता, संभागीय कार्यालय नगर निगम जोन क्रमांक -10, रांझी जिला जबलपुर द्वारा 5000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत लोकायुक्त टीम से की गई। शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने टैक्स कलेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकडऩे का जाल बिछाया। आज आरोपी को आवेदक के घर मुंडी टोरिया, रांझी, में 3000 लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम  के अंतर्गत कार्यवाही की गई। कार्रवाही के दौरान ट्रेप दल में निरीक्षक उमा कुशवाह, निरीक्षक जितेन्द्र यादव, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय एवं लोकायुक्त जबलपुर का दल मौजूद था।

कटनी में 20 हजार की रिश्वत ले रहा था कार्यपालन यंत्री
इसी तरह दूसरी कार्रवाही कटनी में की गई। यहां प्रभारी कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधन विभाग को 20 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। लोकायुक्त ने बताया कि आवेदक कुंवर लाल चौकीदार के पद से 2024 में सेवानिवृत हुए थे, वर्ष 2011 से 2017 तक वर्गीकरण की कारवाही में न्यायालय जबलपुर के आदेश से 7-8 लाख रूपये एरियर के मिलना थे। किन्तु आरोपी सिद्दीकी, आवेदक से एरियर के भुगतान के बदले 50 हजार रूपये की मांग कर रहा था। जिसकी पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपए रिश्वत लेने को तैयार हो गया। आज आरोपी सिद्दीकी को उसके शासकीय आवास से रंगे हाथों 20 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। कार्रवाही में दल प्रभारी श्रीमती नीतू  त्रिपाठी, ट्रेप कर्ता निरीक्षक श्रीमती रेखा प्रजापति, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, एवं लोकायुक्त जबलपुर का दल मौजूद रहा।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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