
मानव अधिकार आयोग मध्य प्रदेश ने जारी किया नोटिस- जय लोक की खबर पर हुआ असर
जबलपुर (जयलोक)। एक महिला के साथ पुलिसकर्मियों और उसके साथियों के द्वारा दुष्कर्म का प्रयास किये जाने का मामला अब सुर्खियोंं में आ गया है। जयलोक में प्रकाशित इस खबर को म.प्र. मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान में लेते हुए नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। जिसमें अब उन पुलिसकर्मियों और उनके साथियों के खिलाफ जाँच तो होगी ही साथ ही इन्हें बचाने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाही होगी। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों को भरपूर बचाने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं महिला को धमकियाँ भी दी गईं। लेकिन जयलोक ने घटना की पूरी सच्चाई महिला से संपर्क कर जानी और उसकी गंभीरता को देखते हुए इसे उजागर किया। जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। मामला उठाने का परिणाम यह हुआ कि यह मामला म.प्र. मानव अधिकार आयोग तक पहुँचा और अब दोषियों पर कार्रवाही की तलवार लटक रही है।

माढ़ोताल थाना क्षेत्र में आने वाले दीनदयाल बस स्टेण्ड में 6 तारीख की रात को कुछ पुलिसकर्मियों ने एक महिला को जबरदस्ती आटो में बैठा लिया था और उसके साथ चलते वाहन में दुष्कर्म करने का प्रयास किया था। पीडि़त महिला ने अपने साथ हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी महिला हेल्पलाइन में दर्ज कराई थी। इसके बाद महिला माढ़ोताल थाने भी पहुँची थी जहाँ उसके बयान दर्ज हुए थे। मामला प्रकाश में आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम महिला से बात करने मण्डला गई थी। लेकिन उस पर सामाजिक दबाव बनाकर बयान बदलवाने आरोप भी लगा है।

पुलिस अधीक्षक से एक माह में माँगी रिपोर्ट
मप्र मानव अधिकार आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार के आधार पर मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुए, कार्यकारी अध्यक्ष राजीव कुमार टण्डन की एकलपीठ ने प्रथम दृष्टया मानव अधिकारों के उल्लंघन का मामला मानकर, जबलपुर के पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कराकर, की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।

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Author: Jai Lok







