
पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी
विपक्ष के हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित
नई दिल्ली (जयलोक)। संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश कर दिया। दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरु होते ही केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के भारी हंगामे के बीच यह विधेयक सदन के पटल पर रखा। इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा दोनों में लगातार नारेबाजी होती रही, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य संगठित गड़बडिय़ों पर सख्ती से रोक लगाना है। पेश विधेयक के अनुसार यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक का दोषी पाया जाता है तो उसे अधिकतम 10 वर्ष के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसी परीक्षा से जुड़ी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे आठ वर्ष तक ब्लैकलिस्ट किए जाने का प्रावधान है। वहीं कंपनी के निदेशक या प्रबंधक दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी 10 वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा यदि किसी कोचिंग संस्थान की भूमिका पेपर लीक में साबित होती है तो उसकी संपत्ति जब्त करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे प्रारंभ हुई तभी विपक्ष ने भारी हंगामा शुरु कर दिया इसी बीच पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल 2026 को लोकसभा में पेश कर दिया गया। इसके साथ ही 2 बजे तक के लिए लोकसभा कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही भी 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इस तरह से आज दूसरी बार सदन स्थगित हुआ।
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Author: Jai Lok





