
ललन सिंह बोले- यह मुस्लिम विरोधी नहीं
नई दिल्ली
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 लोकसभा में पेश हो गया है। इसके साथ ही जैसी की उम्मीद थी कि इस पर आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने वक्फ संशोधन विधेयक को संविधान के मूल पर हमला बताया है। वहीं सरकार का कहना है कि यह विधेयक मुस्लिम विरोधी नहीं है और इससे मस्जिद की कार्यप्रणाली में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होगा।
यह विधेयक आस्था की आजादी पर हमला- वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम हिंदू हैं, लेकिन साथ ही हम दूसरे धर्मों की आस्था का भी सम्मान करते हैं। यह विधेयक इसलिए लाया जा रहा है क्योंकि महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव हैं। आप नहीं समझ रहे हैं कि पिछली बार देश की जनता ने आपको पाठ पढ़ाया था। यह देश के संघीय ढांचे पर हमला है। इस विधेयक के माध्यम से ऐसा प्रावधान लाया जा रहा है कि गैर-मुस्लिम भी वक्फ गवर्निंग काउंसिल के सदस्य हो सकते हैं। यह आस्था की आजादी पर सीधा हमला है। अगली बार आप ईसाइयों, जैनियों के लिए ऐसा करेंगे। देश के लोग इस तरह की बंटवारे की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अखिलेश-शाह आमने-सामने, बिरला ने की यह अपील
विधेयक का विरोध करते हुए अखिलेश ने कहा कि सरकार लोकसभा के अध्यक्ष के अधिकार में भी कटौती करने की तैयारी कर रही है। हमें और पूरे विपक्ष को आपके लिए लडऩा होगा। इस पर अमित शाह ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आसन का अपमान कर रहे हैं। आसन के अधिकार सदन के अधिकार हैं। इसके बाद ओम बिरला ने सदन के सदस्यों से आसन पर टिप्पणी नहीं करने की अपील की।
विधेयक भेदभावपूर्ण और मनमाना दोनों: ओवैसी
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। यह विधेयक भेदभावपूर्ण और मनमाना दोनों है। इस विधेयक को लाकर, आप (केंद्र सरकार) राष्ट्र को एकजुट करने का नहीं बल्कि विभाजित करने का काम कर रहे हैं। यह विधेयक इस बात का प्रमाण है कि आप मुसलमानों के दुश्मन हैं।

Author: Jai Lok






