
जबलपुर (जयलोक)। जबलपुर में बाहर से आए शराब कारोबारी के ठेके पर शराब दुकानों को लेने के बाद अब वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। यह जंग शहर की फिजा को गंदी कर रही है। शराब व्यापारियों के बीच में दुकानों पर कब्जा जमाने और अपना वर्चस्व स्थापित करने की होड़ अब सडक़ों पर उतर आई है और अब खून खराबा और तोडफ़ोड़ के साथ जान लेने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं।

निचले स्तर के पुलिस कर्मचारी सिर्फ कठपुतली

शराब माफिया आबकारी और पुलिस प्रशासन पर इस कदर हावी है कि स्थानीय स्तर पर सदस्य निचले स्तर के पुलिस कर्मचारी और छोटे पदों के अधिकारी शराब माफिया के आगे खुलकर कार्यवाही करने में बौना साबित होते है।

राजनीतिक संरक्षण और चंदे के दम पर हौसले बुलंद
जबलपुर शहर में शराब माफिया के ऊपर शायद कोई नियम कानून लागू नहीं होते हों। हर शराब दुकान के आसपास अवैध रूप से आहाते खुले हुए हैं। जो कि अवैध कमाई का जरिया बन चुके हैं।
जिन्हें अब वसूली की सूची में शामिल कर लिया गया है। दुकानों से दूर-दूर तक गली मोहल्ले और पॉश इलाकों में भी पैकारी की जा रही है। शराब माफिया से जुड़े लोगों को राजनीतिक लोगों का संरक्षण प्राप्त होने के कारण और चंदा बाँटते रहने के कारण सब कुछ खुलेआम धड़ल्ले से चल रहा है।
ये है मामला
लिंक रोड़ स्थित शराब दुकान में 30 से 40 हमलावरों ने एक शराब की दुकान में तोडफ़ोड़ करते हुए कर्मचारियों पर चाकू से हमला किया। दुकान के कर्मचारियों का कहना है कि आशीष शिवहरे शराब माफिया है और एक माह से दुकान के कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। दुकान संचालक राजेश राय ने बताया कि उन्हें धमकी दी जा रही है कि यह दुकान हमें दे दो। नहीं तो जान से मार देंगे। इस बात की शिकायत उन्होंने मदन महल थाने में की लेकिन इसी बीच आशीष शिवहरे के साथियों ने दुकान में तोडफ़ोड़ करते हुए लूट की और कर्मचारियों पर चाकू से हमला किया।
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Author: Jai Lok







