
ई ऑफिस , ई कैबिनेट के बाद अब ई विधान की तैयारी
भोपाल (जयलोक)। मप्र में ई ऑफिस, ई कैबिनेट के बाद अब ई विधान की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। विधानसभा के बजट सत्र में डिजिटल व्यवस्था देखने को मिलेगी। विधायकों को टैबलेट दिए जाएंगे, उनके प्रश्नों के उत्तर भी डिजिटल ही प्राप्त होंगे। मप्र का बजट भी उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा टैबलेट पर ही पढ़ेंगे। ई-विधान परियोजना और पेपरलेस बजट को देखते हुए विधानसभा सचिवालय की ओर से सभी विधायकों को टैबलेट दिए जाएंगे। इस पर 2 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे।
मप्र विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। इस सत्र से विधानसभा की कार्यवाही पूरी तरह ऑनलाइन संचालित की जाएगी। इसके लिए मप्र विधानसभा सचिवालय ने सभी आवश्यक तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बजट सत्र से पहले सदन के भीतर विधायकों की सीटों पर टैबलेट लगाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से प्रश्न, उत्तर, विधेयक, ध्यानाकर्षण सूचना, शून्यकाल की सूचनाएं और अन्य विधायी दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। भारत सरकार की ओर से ई-विधान परियोजना को देशभर में बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत मप्र विधानसभा को भी डिजिटल और पेपरलेस बनाया जा रहा है। नेशनल ई-विधान परियोजना (नेवा) भारत सरकार की एक ई-गवर्नेंस पहल है, जिसका लक्ष्य देश की सभी विधानसभाओं को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस बनाना है, ताकि विधायी कार्य एक साझा डिजिटल प्लेटफार्म पर हों, जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़े। इसे एक राष्ट्र, एक एप्लीकेशन के सिद्धांत पर बनाया गया है और यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय को नोडल विभाग बनाया गया है।
बजट की किताबें नहीं छपेंगी
गौरतलब है कि पहले प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हुआ। फिर ई-कैबिनेट बैठकों की प्रक्रिया शुरू की गईं। अब ई-गवर्नेस की दिशा में मप्र सरकार एक और पहल कर रही है। सरकार ने विधानसभा में डिजिटल यानी पेपरलेस बजट पेश करने की तैयारी कर ली है। यह सरकार का पहला पूर्ण डिजिटल बजट होगा। इस साल बजट की किताबें नहीं छापी जाएंगी। विधायकों को बजट की पूरी जानकारी टैबलेट में दी जाएगी। वित्त विभाग की वेबसाइट पर भी बजट अपलोड होगा। साथ ही पेनड्राइव में बजट की सॉफ्ट कॉपी दी जाएगी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में टैबलेट के जरिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करेंगे। वित्त विभाग ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल, वित्त विभाग पिछले चार साल से बजट पेश करने की कवायद में जुटा है, लेकिन हर साल ऐन मौके पर पूर्व की तरह मैनुअल बजट पेश करने का निर्णय ले लिया जाता है।
Author: Jai Lok







