
दस्तावेज की जाँच से खुला राज, कई दस्तावेजों में भी छ़ेड़छाड़
जबलपुर (जयलोक)। एक जालसाज महिला ने एक मृतक युवक की संपत्ति हड़पने के लालच में दस्तावेज में छेड़छाड़ कर उसकी संपत्ति हथियाने की कोशिश की। लेकिन महिला की साजिश उस वक्त सामने आ गई जब मृतक की मौत की तारीख और महिला द्वारा बताई गई मृत्यु की तारीख अलग अलग मिली। जिसके बाद महिला द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की जाँच की गई। जिसमें पूरी सच्चाई निलकर सामने आ गई। इस सच्चाई से ना सिर्फ महिला के चेहरे से झूठ का पर्दा उठ गया बल्कि निगम अधिकारियों की सांठगांठ भी उजागर हो गई।

मामला साकेत नगर चेरीताल निवासी राजेश विश्वकर्मा का है। जिनका 15 सौ वर्गफीट का मकान है। राजेश विश्वकर्मा की बीमारी के कारण 28 मई 2024 को मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद अविवाहित व्यक्ति राजेश विश्वकर्मा की जमीन को अपने नाम कराने परवीना बानो उर्फ प्रवीणा ठाकुर नामक ठग महिला द्वारा फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। परवीना बानो उर्फ प्रवीणा ठाकुर नामक महिला नीलम विश्वकर्मा बनकर खुद को मृतक की पत्नी बताकर जमीन अपने नाम करा रही थी। पुलिस जाँच में यह भी खुलासा हुआ था कि राजेश की मौत के बाद परवीना बानो अपनी बेटी पूमन ठाकुर के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज बनवाए और नीलम विश्वकर्मा बन गई। फर्जी तैयार किए दस्तावेजों में खुद को राजेश की पत्नी बताकर जमीन अपने नाम कराने के प्रयास शुरू कर दिए थे।

नगर निगम कमिश्नर से हुई मामले कि शिकायत
मामले में पीडि़त पक्ष के अधिवक्ता विकास कोष्टा ने नगर निगम कमिश्रर प्रीति यादव से लिखित शिकायत में बताया कि प्रवीणा ठाकुर नामक महिला द्वारा निगम के जोन क्रमांक 5 में सांठ-गांठ कर अस्पताल के एक दस्तावेज के सहारे मृतक राजेश विश्वकर्मा का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र 2 जुलाई 2024 को बनवा लिया था। जिसमें उसने अपने आप को मृतक राजेश की पत्नी भी बताया था। जबकि राजेश की मृत्यू के पश्चात 28 मई 2024 को लाइफ मेडिसिटी अस्पताल द्वारा मृत्यू पंजियन प्रमाण पत्र जारी किया गया था। जिसके बाद नगर निगम ने राजेश का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था, जसमें मृतक अविवाहित था। अधिवक्ता विकास कोष्टा द्विारा शिकायत करने पर निगम के जोन क्रमांक 5 के प्रभारी ने 8 अप्रैल 2025 में संशोधन कर पुन: पुराना मृत्यू प्रमाण पत्र में सुधार कर दिया। अधिवक्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की।

समग्र आईडी में भी किया हेरफेर
अधिवक्ता ने बताया कि प्रवीणा ठाकुर द्वारा राजेश ठाकुर की समग्र आईडी में भी हेरफेर कर फर्जी समग्र आईडी तैयार कराई गई। जिसमें भी उसने अपने आप को राजेश विश्वकर्मा की पत्नी दर्शाया। जबकि मृतक राजेश विश्वकर्मा की समग्र आईडी गढ़ा जोन क्रमांक 1 से बनी थी। महिला ने पहले फर्जी तरीके से आईडी से ठाकुर अलग कर उसकी जगह विश्वकर्मा कर दिया। फिर राजेश विश्वकर्मा की मृत्यु के बाद उसमें राजेश विश्वकर्मा को राजेश करवा दिया गया। जिससे की वह खुद को ठाकुर की जगह विश्वकर्मा बताकर धोखाधड़ी को अंजाम दे सके।
Author: Jai Lok







