
दो पहिया वाहनों के हादसों में जबलपुर का पहला स्थान
जबलपुर (जय लोक)। सडक़ हादसों को रोकने के लिए केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी सडक़ हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। वहीं अगर देशभर के आंकड़ों की बात की जाए तो सडक़ हादसों में दिल्ली और जबलपुर का नम्बर तीसरा आता है। जबकि दोपहिया वाहन हादसों में जबलपुर का नम्बर पहला है। ये सरकारी आंकड़े शहरवासियों के लिए चौका देने वाले हैं। क्योंकि दिल्ली जैसे महानगर की सडक़ हादसों में बराबरी करने वाले जबलपुर शहर में सडक़ हादसों की संख्या बढऩा चिंता का विषय है।

दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में हुए सर्वे
ताजा सरकारी रिपोर्ट बताती है कि यहां सडक़ पर टू व्हीलर चालकों की सुरक्षा बेहद चिंताजनक स्थिति में है। सडक़ परिवहन और राजमागज़् मंत्रालय की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में सबसे अधिक टू व्हीलर एक्सीडेंट जबलपुर में दर्ज हुए हैं। यहां 2619 एक्सीडेंट में 301 मौतें हुई हैं जबकि 2527 घायल हुए। सडक़ दुर्घटनाओं की कुल संख्या के मामले में भी जबलपुर तीसरे स्थान पर है।

2023 में हुए चार हजार से अधिक सडक़ हादसे
साल 2023 में जबलपुर सडक़ दुर्घटनाओं के मामले में भी तीसरे नंबर पर है। यहां कुल 4205 सडक़ दुर्घटनाएं घटित हुई। खास बात यह है कि इस लिस्ट में मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहर जबलपुर से पीछे हैं। जबकि इन शहरों की आबादी जबलपुर से कई गुना अधिक है। फिर सडक़ हादसों में जबलपुर इन शहरों से आगे निकल गया। सडक़ दुर्घटनाओं के मामले में दिल्ली और बेंगलुरु के बाद जबलपुर शहर का नाम आता है।

टू व्हीलर कंपनियाँ कर रही अनदेखी
सेफ्टी डिवाइस को लेकर ज्ञान प्रकाश ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बिना सेफ्टी डिवाइस के दुपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। एससी ने भी साल 2018 में एसएलपी को खारिज कर दी थी। इसके बावजूद भी दुपहिया वाहनों में सेफ्टी डिवाइस नहीं लगाई जा रही है। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 129 में दोपहिया वाहनों में सवार व्यक्तियों के लिए हेलमेट आवश्यक है। इस नियम का पालन भी नहीं किया जा रहा है। सेफ्टी डिवाइस नहीं होने के कारण दुर्घटना घटित होती हैं।
यातायात नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी
शहर में हो रहे सडक़ हादसों की सबसे बड़ी वजह यातायात नियमों का पालन ना करना है। नागरिकों का यातायात नियमों के प्रति लापरवाह रवैया भी हादसों को बढ़ाता है। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूकता जरूरी है। लेकिन यह बेहद चिंताजनक है कि जबलपुर जैसे शहर में दोपहिया दुर्घटनाओं की संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है।
Author: Jai Lok







