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सदन से लेकर विधानसभा तक उठाया है मुद्दा, अब लोकायुक्त में देंगे दस्तक- विनय सक्सेना

शहर के सभी सामुदायिक भवन के दुरुपयोग और निगम को हो रही आर्थिक स्थिति का फिर गरमाया मामला

जबलपुर (जयलोक)
कई वर्षों से नगर निगम जबलपुर के अंतर्गत आने वाले 79 वार्डों में अलग-अलग स्थान पर स्थित सामुदायिक भवनों पर या तो क्षेत्रीय नेताओं का कब्जा है या फिर निगम के कुछ अधिकारी और कर्मचारी सांठ-गाँठ कर सामुदायिक भवन का दुरुपयोग कर उसे किराए पर चलाकर निगम के खजाने में पैसा जमा करने के बजाय अपनी जेब में डाल रहे हैं। इस प्रकार की शिकायतें पूर्व में भी आ चुकी हैं। पूर्व विधायक विनय सक्सेना का कहना है कि उन्होंने नगर निगम के सदन से लेकर विधानसभा तक इस विषय को उठाया। एक दौर आया जब जिला योजना समिति में 20 मुद्दे को उठाया और तत्काल लिख अधिकारियों ने निर्देश देकर इस पर जांच भी शुरू करवाई, लेकिन फिर मामला ठंडा बस्ते में चला गया। इसका कारण यह था कि इसके पीछे कुछ रसूखदार लोग और राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोग भी शामिल थे।
अब एक बार फिर इस प्रकार की शिकायतें लगातार विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त हो रही हैं। इस स्थिति में नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक भवन दुरुपयोग को रोकने के लिए और जारी भ्रष्टाचार पर लगाम करने के लिए लोकायुक्त में शिकायत कर दस्तक दी जाएगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व विधायक विनय सक्सेना पूर्व में भी गंभीर विषयों को लेकर उ‘च न्यायालय और लोकायुक्त में गए थे और आगे चलकर नगर निगम के कई अधिकारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता और उनकी नौकरी पर भी बात बन आई थी।
एमआईसी के वाहन आवंटन पर लगी थी रोक
वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनय सक्सेना द्वारा कुछ सालों पहले नगर निगम में एमआईसी सदस्यों को नगर निगम के खर्चे पर वाहन दिए जाने का मसला उठाया गया था। नियमों और कानून के आधार पर यह लड़ाई आगे बढ़ी और विनय सक्सेना ने इस मामले को तथ्यात्मक रूप से लोकायुक्त के समक्ष शिकायत के रूप में रखा। जिसकी जाँच होने पर आरोप सही पाए गए और तत्कालीन नगर निगम सत्ता को एमआईसी को दिए गए वाहन वापस लेना पड़े थे। उसके बाद से ही है मनमानी की प्रथा बंद हो गई।
विनय सक्सेना ने बताया कि लोकायुक्त में हर उस व्यक्ति की शिकायत की जाएगी जो सामुदायिक भवन के इस भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगा रहा है। इसके साथ ही जो भी जिम्मेदार हैं और जिन्होंने कब्जा कर नगर निगम के खाते में अमानत में खयानत करने का कार्य किया है उनके खिलाफ  सभी साक्ष्य एकत्रित कर लोकायुक्त में शिकायत की जाएगी।
श्री सक्सेना का कहना है कि इस प्रकार की कई बार शिकायत के सामने आ चुकी हैं कि विभिन्न वार्डों के अंतर्गत बनाए गए सामुदायिक भवनों में क्षेत्र के कुछ तथाकथित नेताओं द्वारा कब्जा कर लिया जाता है। उसकी चाबी भी नगर निगम कार्यालय में होने के बजाय उन्हीं के कब्जे में होती है। नियम तो यह कहता है कि सामुदायिक भवन का उपयोग करने के पूर्व नगर निगम में इसकी राशि जमा कर रसीद कटवानी पड़ती है और उसके बाद अनुमति प्राप्त होती है। यह प्रक्रिया प्रथम आए प्रथम पाए की तर्ज पर होती थी लेकिन कब्जा किए बैठे लोगों ने अधिक पैसे देने वालों को आवंटन शुरू कर दिया।
रखरखाव करता है नगर निगम
वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनय सक्सेना ने कहा कि बड़ी विडंबना की बात है कि आम लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए सामुदायिक भवनों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है अधिकारी मौन धारण कर बैठे हैं दूसरे लोग भ्रष्टाचार कर इसकी राशि हड़प रहे हैं और इस सामुदायिक भवनों का रखरखाव नगर निगम अपने खाते से कर रहा है। वर्तमान में कई जगह तो मनमर्जी का काम चल रहा है और यही कथित नेता सामुदायिक भवन का उपयोग करने की अनुमति भी प्रदान करते हैं और मन माफिक पैसा भी वसूल कर अपनी जेब भरते हैं।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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