
चैतन्य भट्ट
सांप भले ही एक जीव जंतु की श्रेणी में आता हैं लेकिन इंसानों के लिए वह हमेशा से उत्सुकता का विषय रहा है, हिंदू धार्मिक ग्रन्थों में भी सांपों और नागों के बारे में विस्तार से बतलाया गया है नागपंचपी जैसा त्योहार इन्हीं सांपों की पूजा को लेकर मनाया जाता है चूंकि सांप उत्सुकता और विस्मय के परिचायक रहे हैं इसलिए फिल्मकार भी सांपों के आकर्षण से मुक्त नहीं रह पाएए न केवल बॉलीवुड बल्कि हॉलीवुड ने भी सांपों को लेकर अनेक फिल्में बनाई है जिन्होंने परदे पर जम कर धूम मचाई थी।
हिंदी फिल्मों के इतिहास को यदि हम टटोलें तो 1953 में ‘नाग पंचमी’ नामक फिल्म प्रदर्शित हुई जिसमें मनहर देसाई, निरूपा रॉय, दुर्गा खोटे जैसे कलाकारों ने अभिनय किया था फिल्म पूरी तरह से नाग पंचमी पर आधारित थी, इसके दूसरे साल 1954 में एक मशहूर फिल्म आई ‘नागिन’जिसमें उस वक्त के मशहूर सितारे वैजयंती माला, प्रदीप कुमार ने नायक नायिका की भूमिका निभाई थी इस फिल्म के सभी गीतों ने संगीत की दुनिया में धूम मचा दी थी। इस फिल्म के लंबे अरसे तक सांपों पर फिल्म नहीं आई और लगभग 9 साल बाद फिल्मों में स्पेशल इफेक्ट देने के लिए मशहूर बाबू भाई मिस्त्री ने एक फिल्म बनाई ‘सुनहरी नागिन’ फिर 1965 में उषा खन्ना के संगीत निर्देशन में ‘एक सपेरा एक लुटेरा’ फिल्म आई जिसमें फिरोज खान, कुमकुम प्रमुख भूमिका में थे इस फिल्म का एक गीत ‘हम तुमसे जुदा होकर मर जाएंगे रो रो कर’ आज भी लोगों की जुबान पर है।
सांपों पर बनी फिल्मों की सफलता से प्रेरित होकर 1972 में बी आर इशारा ने ‘मिलाप’ फिल्म का निर्माण किया जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा, रीना राय और डैनी ने मुख्य भूमिका निभाई, ये एक इच्छाधारी नागिन की कहानी थी इसका एक गीत ‘कई सदियों से कई जन्मों से तेरे प्यार को तरसे मेरा मन’ आज भी उतना ही दिलकश है। इसी साल ‘नाग पंचमी’ नामक एक फिल्म आई जिसमें मनहर देसाई जयश्री गडकर जैसे मंजे हुए कलाकारों ने अभिनय किया था इस फिल्म ने भी काफी सफलता अर्जित की।
इसके चार साल बाद निर्माता निर्देशक ‘राजकुमार कोहली’ ने एक फिल्म प्रस्तुत की ‘नागिन’ ये भी एक इच्छाधारी नागिन की कहानी थी जो अपने पति नाग को मारने वाले दोस्तों से बदला लेने के लिए तरह.तरह के रूप धारण करती है इसमें इच्छाधारी नागिन की भूमिका में थी रीना रॉय और नाग की भूमिका निभाई थी जितेंद्र ने। ये एक फिल्म बहु सितारा फिल्म थी जिसमें सुनील दत्त, फिरोज खान, कबीर बेदी, अनिल धवन, संजय विनोद मेहरा, रेखा योगिता बाली जैसे बड़े-बड़े कलाकार थे इस फिल्म ने सफलता के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
1986 में रमेश मल्होत्रा ने ‘नगीना’ को पर्दे पर उतारा श्रीदेवी ने इसमें इच्छाधारी नागिन की भूमिका निभाई फिल्म के नायक थे ऋषि कपूर इस फिल्म का गीत ‘मैं तेरी दुश्मन तू मेरा दुश्मन मैं नागिन तू सपेरा’ गीत ने भी सफलता की ऊंचाइयों को छू लिया अपनी इस फिल्म की सफलता से उत्साहित होकर हरमेश मल्होत्रा ने फिर एक फिल्म बनाई ‘निगाहें’ नाम से ए इसमें नायिका तो श्रीदेवी ही रही पर नायक के रूप में इस बार सनी देओल सामने आए । 1990 में ‘दूध का कर्ज’ भी सांपों पर आधारित थी इसी साल एक और फिल्म प्रदर्शित हुई ‘नाचे नागिन गली गली’ लेकिन ये दोनों ही फिल्में कुछ खास सफलता हासिल नहीं कर पाई। इसी बीच ‘शेषनाग’ भी एक ऐसी ही फिल्म थी जिसमें जितेंद्र, रेखा, माधुरी, मंदाकिनी जैसे बड़े कलाकार थे लेकिन ये भी उतनी सफल नहीं हो पाई।
अपनी पुरानी फिल्म नागिन की सफलता से प्रेरित राजकुमार कोहली ने एक बार फिर नाग के बदले पर आधारित ‘जानी दुश्मन’ के नाम से मल्टी स्टार फिल्म बनाई और अपने बेटे अरमान कोहली को फिल्मों में स्थापित करने के लिए प्रमुख भूमिका दी अन्य कलाकारों में मनीषा कोइराला, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सनी देओल, राज बब्बर और सोनू निगम को भूमिकाएं मिली इस फिल्म में अंतर सिर्फ इतना था कि नागिन फिल्म में नागिन बदला लेती है लेकिन इस फिल्म में नाग उन लोगों से बदला लेता है जो उनके पिछले जन्म की नागिन और इस जन्म में बनी लडक़ी के साथ बलात्कार करते हैं
ऐसा नहीं कि सिर्फ बॉलीवुड ने सांपों पर फिल्में बनाई एहॉलीवुड भी सांपों को लेकर बनाई जानी फिल्मों को लेकर हमेशा चर्चा में रहा। हॉलीवुड की फिल्मों में जो विशालकाय सांप पर्दे पर उतरे वे सब ट्रिक फोटोग्राफी और कंप्यूटर का कमाल था। अनाकोंडा पाइथन, मेगा स्नेक जैसी फिल्मों में जिस तरह से सांपों को पर्दे पर दिखाया गया था वो दर्शनों के रोंगटे खड़े करने में सक्षम था हॉलीवुड में ये फिल्में सांपों पर आधारित रही हैं।
रेटलर्स, जेनिफर, वीनॉम, कॉपरहेड, एनाकोंडा, किंग कोबरा, पाइथन, वीनामसएपाइथन 2 स्नेक आइलैंड, वोआ वर्सेज पाइथन, द स्नेक किंग, कोमोडो वर्सेज कोबरा, स्नेक ऑन, प्लेनएमेगा स्नैकर्स, वाइपर्स, एनाकोंडा 3, एनाकोंडा ट्रेल ऑफ ब्लड एपाइथन वर्सेज गेटीराइट जैसी फिल्में हॉलीवुड की प्रमुख फिल्में कही जाती है जो सांपों पर आधारित है। एक धारणा है कि सांपों के सिर पर जो मणि होती है वो जिसे मिल जाती है वह मालामाल हो जाता है भले ही फिल्म निर्माताओं को नागमणि ना मिली हो परंतु सांपों पर फिल्म बनाकर वे मालामाल जरूर हो गए।

Author: Jai Lok







