
असमंजस में व्यापारी नहीं लगा पा रहे कोई अनुमान, सोने चांदी के जेवरों की माँग घटी
जबलपुर (जय लोक)। वर्तमान समय में सोना चांदी के निवेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ना तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ना ही राष्ट्रीय स्तर पर और ना ही स्थानीय स्तर पर व्यापारी किसी भी प्रकार का कोई अनुमान लगा पा रहे हैं। सोने चांदी के भाव में जिस प्रकार की तेजी वर्तमान समय में देखी जा रही है, वरिष्ठ सर्राफा व्यापारियों का दावा है कि उन्होंने पिछले 70-80 सालों में सोने चांदी के भाव में इस प्रकार का उतार चढ़ाव कभी नहीं देखा है। स्थिति यह है की सुनारों की दुकानें खाली पड़ी हैं और सोने चांदी की जेवर की माँग घट गई है। जितना भी बड़ा खेल खेल रहे हैं वह राष्ट्रीय और अंतररष्ट्रीय पर बैठे बड़े सटोरिये खेल रहे हैं। सोने चांदी के भाव ऊपर नीचे करने का पूरा खेल अंतररष्ट्रीय सटोरियों के द्वारा ही खेला जा रहा है। सोने चांदी की बढ़ती कीमतों को लेकर कोई कुछ बोल नहीं रहा है सराफा कारोबारियों की दुकानों में सन्नाटा पसरा है। स्थिति यह है कि स्थानीय स्तर पर कोई भी वरिष्ठ सराफा व्यापारी भी सोने चांदी के व्यापार के बारे में कोई भी टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है।

भाव ही भाव बढ़ रहा व्यापार नहीं
सराफा व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस प्रकार से सोना और चांदी के भाव में तेजी आ रही है उससे सिर्फ भाव ही भाव बढ़ रहा है व्यापार नहीं बढ़ रहा है। रोजाना 10 से 15 हजार रुपए भाव में उतार चढ़ाव हो रहा है। स्थानीय स्तर पर व्यापारी भी तय नहीं कर पा रहे हैं कि सोना चांदी खरीदें या आने वाले समय में दाम कम होने का इंतजार करें।

जेवरातों की माँग तेजी से गिरी
वर्तमान समय में जिस प्रकार से सोने और चांदी के भाव बढ़ते जा रहे हैं, सोना डेढ़ लाख रुपए तोला के ऊपर बिक रहा है। आज सोने का भाव 1,52,000 तोला था। दूसरी और चांदी 3,20,000 किलो के भाव पर बिकी। अधिक ऊंची कीमतों पर सोने चांदी से बने जेवरात की मांग एकाएक नीचे गिर गई है। ग्राहक इतने अधिक दाम पर जेवरात खरीदने नहीं आ रहे हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि जिस प्रकार से दाम बढ़े हैं उतने राशि के वजन के खरीदने लायक जेवर नहीं बन पा रहे हैं और हल्के वजन के जेवर लोग लेना नहीं चाहते। इससे ज्यादा शादी ब्याह में लोग नगद व्यवहार करने में अधिक रुचि ले रहे हैं।

ट्रंप की नीति देश के बीच में युद्ध, का फायदा उठा रहे अंतरराष्ट्रीय सटोरिये- राजा सराफ
वर्तमान में सोने चांदी के व्यापार में चल रही अनिश्चितता की स्थिति पर मध्य प्रदेश सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजा सराफ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जय लोक से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियां, विभिन्न देशों के बीच में चल रहे युद्ध के कारण चांदी के भाव में अनिश्चितता बनी हुई है। लेकिन एक बात और प्रमुख रूप से देखी जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सटोरिये सोने चांदी के भाव के साथ खेल रहे हैं। केवल 24 कैरेट के सोने में शुद्ध चांदी में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार हो रहा है। मध्यम वर्गीय व्यापारियों और सुनारों की दुकानें खाली हैं क्योंकि जेवर की माँग में एकाएक कमी आ गई है। निवेशक जरूर सोने चांदी में निवेश कर रहे हैं लेकिन आम आदमी की खरीद से सोना दूर है। पिछले वर्ष सोना में 7 प्रतिशत और चांदी में 180 प्रतिश मुनाफा लौट आया। ऐसा पहले कभी देखने को नहीं मिला।
छोटे व्यापारियों का बड़ा नुकसान- यतीश अग्रवाल
वरिष्ठ सर्राफा व्यापारी यतीश अग्रवाल का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सोना चांदी के कारोबार को लेकर किसी भी प्रकार का अनुमान लगा पाना संभव नहीं है। सराफा व्यापारी भी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। वर्तमान समय में कीमतों में जो उछाल देखने को मिल रहा है पिछले लंबे समय से कभी नहीं देखा गया। जेवरात की माँग घटने से व्यापारियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। सोने चांदी के जिस भाव का अनुमान लगाया जा रहा है उसमेंं बड़े उतार चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
Author: Jai Lok







