
पहली बार खराब परिणामों के बाद कलेक्टर ने की शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा
5वीं-8वीं के परिणामों की समीक्षा 10वीं-12वीं के परिणामों की समीक्षा जल्द
जबलपुर (जय लोक)। कई दशकों बाद जबलपुर जिले में किसी कलेक्टर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गिरती गुणवत्ता को गंभीरता से लेते हुए अलग से एक बैठक इस विषय पर आयोजित की। बैठक भी सामान्य समीक्षा तक सीमित नहीं रही बल्कि 5वीं और 8वीं कक्षा के जो परिणाम सामने आए हैं उसके अनुसार दोषी और जिम्मेदार लोगों को दंड भी दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी सहित जिला शिक्षा केन्द्र के अधिकारी, प्रोग्रामर विकास खंडों के बीईओ, और बीआरसी उपस्थित रहे। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने शासकीय स्कूलों में बच्चों के भविष्य निर्माण और पढ़ाई में की गई लापरवाही को आड़े हाथों लिया। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश स्कूलों में जो परीक्षा परिणाम कम आए हैं उनकी शालावार समीक्षा की गई। एक स्कूल में केवल 39 प्रतिशत परिणाम आया। वहीं कुंडम के शासकीय स्कूलों में 70 से 80 प्रतिशत तक परीक्षा परिणाम आया। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने शिक्षकों की इस लापरवाही एवं पढ़ाने के कार्य में अरूचि को स्पष्ट रूप से पाया जिसके बाद चेरीताल संकुल के जनशिक्षक प्रदीप पटेल और अलका कोरी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाही के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई जब उन्होंने स्कूलों में संचालित और बंद पड़े शौचालयों की जानकारी माँगी तो संबंधित जिला शिक्षा केन्द्र के उपयंत्री सुभाष शर्मा जानकारी नहीं दे पाए। जिस पर कलेक्टर ने उन्हें फटकार लगाई और उनके निलंबन का प्रस्ताव तैयार करने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया।

जिम्मेदार बीआरसी भी हटाए जाएंगे
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने जयलोक से चर्चा करते हुए स्पष्ट कहा कि शासकीय शालाओं में पढऩे वाले बच्चों के भविष्य निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान इस बात को भी अंकित किया गया है कि ऐसे बीआरसी भी हटाए जाएंगे जो खराब परीक्षा परिणाम के लिए दोषी हैं और उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से नहीं किया।

दो लोगों का वेतन काटा
बैठक के दौरान समीक्षा कार्य में यह पाया गया क अपने कार्यों के प्रति लापरवाही करने वाले बीआरसी नगर-1 के डीसी अहिरवार और नगर-2 के आशीष श्रीवास्तव का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन अधिकारियों पर छात्रों की मैपिंग और परीक्षा से जुड़े कार्यों में ढिलाई बरतने के कारण कार्यवाही की गई है। इन्हें तीन दिनों के अंदर लंबित कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जल्द होगी 10वीं-12वीं के परिणामों की समीक्षा
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शालावार 10वीं और 12वीं के परिणाम तैयार करने के लिए कहा गया है। जल्द ही बड़ी कक्षाओं के परीक्षा परिणामों की भी समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने स्कूलों में पेयजल, बिजली, प्रकाश, पुस्तक एवं सायकिल वितरण की व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिन स्कूलों के आए कमजोर परिणाम वहाँ बनेगी विशेष रणनीति
बैठक में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि जिन स्कूलों के परीक्षा परिणाम कमजोर आए हैं वहां यह स्पष्ट है कि शैक्षणिक कार्य में जिम्मेदारियों के निर्र्वहन में अभाव नजर आया है। इसीलिए कमजोर परिणाम वाली शालाओं के लिए विशेष रणनीति बनाकर सुधार किया जाएगा। इसके लिए आवश्यकता होने पर अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के साथ ही शिक्षकों के कार्यों की भी समय समय पर समीक्षा की जा सकेगी।
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Author: Jai Lok







