
विदेशों में भेजा जा रहा उपभोक्ताओं का डाटा
कांगे्रस नेताओं ने स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट पर लगाए गंभीर आरोप
जबलपुर (जय लोक)। स्मार्ट मीटर ना सिर्फ बिजली बिल का बोझ बढ़ा रहे हैं बल्कि इसकी आड़ में उपभोक्ताओं का डाटा विदेशों में भी भेजा जा रहा है। इसमें पाकिस्तान भी शामिल है। यह कहना है कांगे्रस नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा का। जिन्होंने पत्रकारवार्ता में स्मार्ट मीटर की आड़ में चल रही घपलेबाजी और
केंद्र और राज्य सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसे न केवल गोपनीयता का उल्लंघन बताया बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
श्री शर्मा ने कहा कि अल्फार कंपनी ने मीटर डेटा मैनेजमेंट के तहत उपभोक्ताओं का डेटा यूएई को भेजा है। इस डेटा में उपभोक्ताओं की लोकेशन, बिजली खपत भी शामिल है क्योंकि स्मार्ट मीटर में जीपीएस तकनीक मौजूद है। इसलिए यह डेटा आसानी से विदेशों में भेजा जा रहा है। जिसका गलत तरीके से उपयोग किया जा सकता है।

इंदौर की कंपनी ने जिसे किया आयोग्य उसे दिया गया ठेका
श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि अल्फानार को पहले पश्चिमी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर ने अयोग्य करार दे दिया था। लेकिन इसके बाद भी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर ने उसी कंपनी को यह ठेका दे दिया।

अल्फानार कंपनी में पाकिस्तानी कर्मचारी
श्री शर्मा ने यह भी आरोप लगाया है कि यूएई और अल्फानार कंपनी के बोर्ड में पाकिस्तानी नागरिक कार्यरत हैं। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और ज्यादा खतरे में है। उन्होने आरोप लगाया कि यह दोहरा मापदंड प्रशासन की पारदर्शिता और ईमानदारी पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है और तो और अल्फनार कंपनी को गुणवत्ता विहीन कार्य एवं समय पर कार्य पूर्ण न करने के कारण 3 टर्मिनेशन नोटिस भी जारी किए गए, मगर अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कंपनी को टर्मिनेट नहीं किया गया।

सर्टिफिकेट का उल्लंघन
श्री शर्मा ने कहा कि विदेशी कंपनी को भारत में काम करने के लिए डीपीआईआईटी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है, खासकर यदि वह पड़ोसी देशों में भी काम कर रही हो। अल्फानार चीन और बांग्लादेश में भी सोलर प्रोजेक्ट चला रही है, इसके बावजूद उसे मध्य प्रदेश में ठेका दिया गया। जो डीपीआईआईटी सर्टिफिकेट का उलंघन है।
कम दर पर दिए गए टेंडर
सौरभ शर्मा ने आरोप लगाया कि अल्फानार ने जानबूझकर सबसे कम दर पर टेंडर हासिल किया, जबकि इतनी कम दर पर 10 साल तक प्रोजेक्ट चलाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि असल उद्देश्य जनता का डेटा इक_ा करना और सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है।
ये रहे मौजूद
पत्रकारवार्ता में विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व विधायक एवं ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष संजय यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा, सम्मति सैनी, दिनेश यादव सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।
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Author: Jai Lok







