
ऐसी मनमर्जी की स्मार्ट सिटी के फुटपाथ पर ही निकाल ली बालकनी, किसी ने बना दी पार्किंग, तो किसी ने बढ़ा लिया गेट, कहीं दबा ली पाईप लाईन
गेट न. 2 से लेकर चार नंबर गेट तक हो रही मनमानी
जबलपुर (जय लोक)।
अतिक्रमण जब शुरू किया जाता और जानकारी में आ जाने के बाद भी जब निगम प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी जब उसको नहीं रोकते हैं तो फिर कई प्रकार के सवाल अपने आप ही खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ इन दिनों राइट टाउन क्षेत्र के बहुत सी सडक़ों पर देखने को मिल रहा है। स्मार्ट सिटी के नाम पर यहाँ पर लाखों-करोड़ों रूपये खर्च कर स्मार्ट रोड बनाई गई है। अब इन रोडों पर स्मार्ट किस्म के कब्जे नजर आने लगे हंै। लेकिन फिर भी निगम प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान ना देकर अतिक्रमणों को बढ़वा दे रहे हैं। निगम के भवन शाखा की ओर से यहाँ के कुछ अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी भेजे गए हैं। लेकिन इन नोटिस को हवा में उड़ा दिया गया है और अवैध रूप से निर्माण कार्य चालू भी है।
बिना नक्शा स्वीकृत कराए बहु मंजिला इमारतें तानी जा रही हैं। इसकी बानगी राइट टाउन गेट नंबर 2 के आसपास के कई निमार्णों में देखी जा सकती है। जहां बिना नक्शा स्वीकृत के अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है।
फ्लाई ओवर निर्माण के साथ ही स्मार्ट सिटी की सडक़ों का चौड़ीकरण कराया गया है। इतना ही नहीं खूबसूरत लुक देते हुए लोगों की सुविधा के लिए फुटपाथ भी बनाए गए हैं। हालांकि, यहां पर करीब 4 से 5 फीट तक फुटपाथ और सडक़ को कवर करते हुए भवन का प्रोजेक्शन निकाल लिया गया है। जो आम आदमी को खुली आँखों से दिख रहे है लेकिन निगम के अतिक्रमण विभाग और भवन शाखा को ये नजर नहीं आ रहे है। कुछ शिकायतें निगम की भवन शाखा में पहुंचीं तो वहाँ से नोटिस जारी हुए लेकिन फिर कुछ नहीं हुआ केवल अतिक्रमण करने वालों का कार्य जारी रहा। इस क्षेत्र में बहुत से ऐसे भी निर्माण कार्य चल रहे हैं जहाँ पर दो -तीन मंजिला निर्माणधीन इमारत में काम करने वाले मजदूरों की जिंदगी दांव पर लगा दी गई है। कुछ लोग तो ऐसे भी है जो पूर्व में शासन से मुआवजा लेकर बैठे है और फिर भी अतिक्रमण किये जा रहे है। कही स्थानों पर फुटपाथ, पाइप लाइन को भी निर्माण में दबा दिया गया है।
फ्लाईओवर के दोनों ओर फुटपाथ निर्माण में नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने भारी अनदेखी की है। यही कारण है कि फ्लाईओवर के नीचे कहीं पर फुटपाथ की चौड़ाई 6 से 8 फीट है तो कहीं पर 2 से 4 फीट देखने को मिल रही है। गेट नंबर 2 से मदन महल तक चौड़े फुटपाथ तो वहीं मदन महल से गेट नंबर 2 तक कहीं चौड़े तो कहीं सकरे फुटपाथ बनाए गए हैं। कुल मिलकर ऐसे स्थानों पर प्रशासनिक अनदेखी के कारण अतिक्रमणों को बढ़ावा मिल रहा है।
अतिक्रमण जब शुरू किया जाता और जानकारी में आ जाने के बाद भी जब निगम प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी जब उसको नहीं रोकते हैं तो फिर कई प्रकार के सवाल अपने आप ही खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ इन दिनों राइट टाउन क्षेत्र के बहुत सी सडक़ों पर देखने को मिल रहा है। स्मार्ट सिटी के नाम पर यहाँ पर लाखों-करोड़ों रूपये खर्च कर स्मार्ट रोड बनाई गई है। अब इन रोडों पर स्मार्ट किस्म के कब्जे नजर आने लगे हंै। लेकिन फिर भी निगम प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान ना देकर अतिक्रमणों को बढ़वा दे रहे हैं। निगम के भवन शाखा की ओर से यहाँ के कुछ अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी भेजे गए हैं। लेकिन इन नोटिस को हवा में उड़ा दिया गया है और अवैध रूप से निर्माण कार्य चालू भी है।
बिना नक्शा स्वीकृत कराए बहु मंजिला इमारतें तानी जा रही हैं। इसकी बानगी राइट टाउन गेट नंबर 2 के आसपास के कई निमार्णों में देखी जा सकती है। जहां बिना नक्शा स्वीकृत के अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है।
फ्लाई ओवर निर्माण के साथ ही स्मार्ट सिटी की सडक़ों का चौड़ीकरण कराया गया है। इतना ही नहीं खूबसूरत लुक देते हुए लोगों की सुविधा के लिए फुटपाथ भी बनाए गए हैं। हालांकि, यहां पर करीब 4 से 5 फीट तक फुटपाथ और सडक़ को कवर करते हुए भवन का प्रोजेक्शन निकाल लिया गया है। जो आम आदमी को खुली आँखों से दिख रहे है लेकिन निगम के अतिक्रमण विभाग और भवन शाखा को ये नजर नहीं आ रहे है। कुछ शिकायतें निगम की भवन शाखा में पहुंचीं तो वहाँ से नोटिस जारी हुए लेकिन फिर कुछ नहीं हुआ केवल अतिक्रमण करने वालों का कार्य जारी रहा। इस क्षेत्र में बहुत से ऐसे भी निर्माण कार्य चल रहे हैं जहाँ पर दो -तीन मंजिला निर्माणधीन इमारत में काम करने वाले मजदूरों की जिंदगी दांव पर लगा दी गई है। कुछ लोग तो ऐसे भी है जो पूर्व में शासन से मुआवजा लेकर बैठे है और फिर भी अतिक्रमण किये जा रहे है। कही स्थानों पर फुटपाथ, पाइप लाइन को भी निर्माण में दबा दिया गया है।
फ्लाईओवर के दोनों ओर फुटपाथ निर्माण में नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने भारी अनदेखी की है। यही कारण है कि फ्लाईओवर के नीचे कहीं पर फुटपाथ की चौड़ाई 6 से 8 फीट है तो कहीं पर 2 से 4 फीट देखने को मिल रही है। गेट नंबर 2 से मदन महल तक चौड़े फुटपाथ तो वहीं मदन महल से गेट नंबर 2 तक कहीं चौड़े तो कहीं सकरे फुटपाथ बनाए गए हैं। कुल मिलकर ऐसे स्थानों पर प्रशासनिक अनदेखी के कारण अतिक्रमणों को बढ़ावा मिल रहा है।
Author: Jai Lok







