
जबलपुर (जयलोक)।पत्नी से हुए विवाद में बीच बचाव करने आए युवक की हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ओमप्रकाश रजक अपर सत्र न्यायाधीश पाटन के अभियोग पत्र अनुसार मामला इस प्रकार है कि 29 दिसंबर 2020 को ग्राम हीरापुर से झगडे की सूचना मिलने पर थाना चरगंवा से थाना प्रभारी उप निरीक्षक रीतेश पाण्डे स्टाफ के साथ आरोपी के घर के पास ग्राम हीरापुर हार पहुचे जहां पन्नालाल ने इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि उसके पन्नालाल के चाचा शंकरलाल की पुत्री गुड्डी बाई का विवाह आरोपी कल्याण सिंह के साथ हुआ था। 29 दिसंबर 2020 को सुबह करीब 7 बजे गुड्डी बाई ग्राम कोहली निवासी अमलेश के साथ भाग गई थी जिस बात को लेकर आरोपी कल्याण सिंह गुड्डी बाई को परेशान करता है

28 दिसंबर 2020 को भागवती का फोन आया था तो गुड्डी बाई, अपनी पुत्री भागवती से फोन पर बात कर रही थी जिस कारण आरोपी कल्याण सिंह ने उक्त दिनांक को रात्रि में गुड्डी बाई को मारपीट की। गुड्डी बाई द्वारा पन्नालाल को उक्त सूचना देने के करीब 15-20 मिनट बाद पन्नालाल के पुत्र सुरेश के मोबाइल पर आरोपी कल्याण सिंह के पुत्र शिवम ने कॉल कर पूछा कि क्या गुड्डी बाई ग्राम कोहली आयी है, तब पन्नालाल ने शिवम से कहा कि हां, आई है। तब शिवम ने पन्नालाल को बताया कि शिवम का पिता आरोपी कल्याण सिंह, दवाई पी कर घर के कमरे में लेटा है तथा उठ नहीं पा रहा है एवं पन्नालाल से गुड्डी बाई को लेकर जल्दी आरोपी के घर पहुंचने को कहा है।

शिवम द्वारा उक्तानुसार बताने पर पन्नालाल, पन्नालाल की पत्नी कल्लू बाई, पन्नालाल की बहू अंजना बाई, पन्नालाल का चाचा रज्जू, पन्नालाल की चाची पार्वती बाई तथा पन्नालाल की चचेरी बहन गुड्डी बाई, ग्राम हीरापुर स्थित आरोपी कल्याण सिंह के घर गये, जहां घर के बाहर आरोपी का पुत्र शिवम खड़ा था। तब पन्नालाल की आवाज सुनकर आरोपी कमरे से बाहर आया, पन्नालाल ने आरोपी से पूछा कि उसने गुड्डी बाई के साथ मारपीट क्यों की है। तब आरोपी कल्याण सिंह उन पर गुस्सा करने लगा और कमरे के अंदर से लोहे की कुल्हाड़ी लेकर आया तथा जान से मारने की नीयत से कल्लू बाई को पीठ में कुल्हाड़ी मारी। तभी कल्याण सिंह ने जान से मारने की नीयत से रज्जू की गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई बार मारा। कल्याण सिंह, उक्त कुल्हाड़ी, वहीं पास में ही फेंककर मोटरसाइकिल से हीरापुर तरफ भाग गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी उप निरीछक रितेश पांडेय के द्वारा की गई।

न्यायालय श्रीमान ओमप्रकाश रजक अपर सत्र न्यायाधीश पाटन, जिला जबलपुर के द्वारा कल्याण सिंह को धारा 302 भादवि में आजीवन करावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 324 भादवि में 06 माह का कारावास व 500 रू अर्थदण्ड एवं 307 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
Author: Jai Lok







