
जबलपुर (जयलोक)। पूरे देश में बहुचर्चित पुलिस द्वारा लूटी गई हवाला की रकम के कांड में आरोपी बनाए गए एक व्यक्ति को उच्च न्यायालय से जमानत का लाभ प्राप्त हुआ है। वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त के द्वारा इस बात की दलील न्यायालय के समक्ष दी गई कि जिस व्यक्ति ने इस मामले में विसिल ब्लोवर होने की भूमिका अदा की और हवाले के पैसे की जानकारी पुलिस तक पहुँचाई उसे ही आरोपी बना लिया गया। जबकि उसका यह हवाला कांड से कोई लेना देना नहीं है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि आवेदक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इसलिए उसे जमानत का लाभ देना उचित है। इस मामले की एक दूसरे आरोपी ने अपनी जमानत याचिका वापस ले ली है।
कटनी से जालना नागपुर जा रहे हवाला के रकम की जानकारी प्राप्त होने के बाद पुलिस ने इसे जप्त करने के बजाय लूट लिया था। इस मामले में जबलपुर के एक आरक्षक ने जबलपुर में पहले पदस्थ रहे सीएसपी ओमती पंकज मिश्रा को सूचना दी। पंकज मिश्रा ने अपनी बैचमेट सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे को इसकी जानकारी दी और इसके बाद पूरे षडयंत्र को रचा गया। इस मामले में पुलिस ने जबलपुर निवासी व्यापारी पंजू गिरी गोस्वामी को भी आरोपी बनाया। न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने बताया कि इस हवाला में 2.96 करोड़ रुपये की सूचना पुलिस को अभियुक्त के द्वारा ही दी गई थी।

इस प्रकरण में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित तकरीबन 11 पुलिस कर्मी जेल गए हैं। इस मामले की मुख्य आरोपी एसडीओपी पूजा पांडे की जमानत पूर्व में ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद पूजा पांडे की ओर से उच्च न्यायालय में लगाई गई जमानत याचिका को वापस लिया जा चुका है।

इस मामले के एक और आरोपी वीरेंद्र दीक्षित ने भी अपनी जमानत याचिका वापस ले ली है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया है कि जब पुलिस इस मामले की चार्ज शीट प्रस्तुत करेगी उसके बाद पुन: जमानत याचिका लगाई जाएगी।
पुलिस ने इस मामले में जबलपुर निवासी पंजू गिरी गोस्वामी को भी आरोपी बनाया था। जिसे उच्च न्यायालय ने जमानत का लाभ दे दिया है।

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Author: Jai Lok







