
भोपाल (जयलोक)। मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के आज दूसरे दिन यानी मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक हाथों में दूषित पानी और तख्तियां लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। वहीं इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने पलटवार भी किया हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर पलटवार किया है। भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा का कांग्रेस को नैतिक रूप से इस्तीफा मांगने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस की नीतियों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस ने जो किया, हम आगे सुधारेंगे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार टैक्स लेती है तो क्या स्वच्छ पानी पिलाने की जवाबदारी नहीं है। राज्यपाल के अभिभाषण में कहते है मेरी सरकार स्वच्छ पानी पिला रही है, तो कहां स्वच्छ पानी मिल रहा है ? सरकार क्यों बहस से डर रही है। इंदौर की जनता श्मशान घाट जा रही है और मंत्री कुर्सी पर बैठे हुए है। तत्काल मुख्यमंत्री को मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए। दरअसल, इंदौर में हुए पानी कांड ने मध्य प्रदेश समेत पूरे देश को झकझोर कर रखा दिया था। भागीरथपुरा इलाके में दूषित (गंदा) पानी पीने से 25 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। हालांकि सरकारी रिकॉर्ड में आंकड़ें अलग है। इस मामले पर जमकर सियासत भी हुई थी। विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर कार्रवाई और मंत्री से इस्तीफे की मांग की।
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Author: Jai Lok






