
भोपाल (जयलोक)
भोपाल के शाहजहांनाबाद में 3 दिन से लापता बच्ची का शव आज गुरुवार को मिला है। बच्ची का परिवार जिस मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में रहता है, शव उसी बिल्डिंग के एक बंद फ्लैट में पानी की टंकी में मिला। बच्ची की हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने दो संदेहियों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने शव टंकी समेत पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। गुस्साई भीड़ ने टीबी हॉस्पिटल रोड पर चक्काजाम कर दिया। लोग बच्ची की हत्या के आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस से इस बंद फ्लैट को खुलवाने की मांग की थी। इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। आज उसी फ्लैट के अंदर रखी पानी की टंकी में बच्ची का शव मिला है। लोग चक्काजाम कर बच्ची की हत्या के आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
बड़े पापा के घर से अपने घर किताब लेने निकली थी
बच्ची का परिवार बाजपेयी नगर की जिस मल्टी में रहता है, उसके सेकंड फ्लोर पर बच्ची के बड़े पापा भी रहते हैं। बच्ची मंगलवार दोपहर 12 बजे अपनी दादी के साथ बड़े पापा के घर गई थी। इसी बीच वह दादी से किताब लेने का कहकर नीचे अपने फ्लैट में जाने का कहकर निकली। इस समय उसके माता-पिता घर पर नहीं थे। इसी दौरान नगर निगम के कर्मचारी फॉगिंग के लिए आए थे। मल्टी में धुआं था। जब बच्ची नहीं लौटी तो दादी ने तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर नगर निगम के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
5 थानों की पुलिस ढूंढती रही
परिजन की शिकायत के बाद 5 थानों का पुलिस बल बच्ची की तलाश में जुट गया। ड्रोन, डॉग स्क्वॉयड, साइबर और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी उसे ढूंढ रहे थे। पुलिस ने 1000 से ज्यादा फ्लैटों की तलाशी ली। मल्टी के पास नाले, पानी की टंकियां और अन्य जल स्रोतों में गोताखोर बच्ची को तलाश चुके थे।
फिरौती का कोई फोन नहीं आया
पुलिस को आशंका है कि किसी परिचित ने ही बच्ची को अगवा किया था। यदि बच्ची खुद से कहीं गई होती तो किसी ने तो उसे भटकता देख रिपोर्ट कर दी होती। हो सकता है कि मल्टी में रहने वाले किसी शख्स ने बच्ची को उठाया हो। किसी बाहरी ने फिरौती के लिए अपहरण किया होता तो कोई कॉल या मैसेज आता। बच्ची का परिवार भी आर्थिक रूप से उतना सक्षम नहीं है। यह भी संदेह है कि बच्ची को अगवा करने से पहले रेकी की गई हो। वारदात के समय बच्ची की मां आंगनबाड़ी गई थी और ड्राइवर पिता नौकरी पर। 3 बड़ी बहनें स्कूल गई थीं। जहां बच्ची का परिवार रहता है, उसके दो रास्तों पर तो सीसीटीवी कैमरे हैं लेकिन घर के पास एक पैदल रास्ता भी है। यहां कैमरे नहीं हैं।

Author: Jai Lok







