
जबलपुर (जयलोक)। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार में आज 15 अगस्त के मौके पर निरूद्ध 18 बंदियों को रिहा किया गया है। इन बंदियों में एक महिला बंदी भी शामिल हैं। इन बंदियों की रिहाई जेल नियमावली के तहत की गई। इन बंदियों में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बंदी भी शामिल हैं। केंद्रीय कारागार के जेलर मदन कमलेश ने बताया कि शासन के नियमानुसार वर्ष में पांच बार बंदियों को रिहा किया जाता है। पहले सिर्फ तीन बार ही रिहा होते थे। मौजूदा हालात में रिहा हुए बंदियों में जबलपुर, कटनी और सिवनी के तीन-तीन, मंडला के दो, बालाघाट के पांच और उत्तरप्रदेश के दो बंदी शामिल हैं। जबलपुर जेल से रिहा हुए बंदियों में शैल कुमार उर्फ पिल्लू, मोइयुद्दीन, गनपत उर्फ गन्नू शामिल हैं। वहीं कटनी से रवि कुमार रजक, संतोष बर्मन, राम नारायण उर्फ रामायण, सिवनी से राजू, हरदयाल, रामदयाल मंडला से जेठू लाल, संतोष मरावी, बालाघाट से सुखदास उइके, पन्नालाल तुरकर, राजेन्द्र उर्फ नाना, छुन्नूलाल, मालतीबाई, उत्तरप्रदेश से राजेश पटेल, संतोष कुमार सिंह शामिल हैं।

Author: Jai Lok






