
जबलपुर (जय लोक)। मध्य प्रदेश सरकार आगामी वित्त वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति का नया ड्राफ्ट तैयार कर चुकी है। सार्वजनिक हुई जानकारी के अनुसार नई शराब नीति में शराब 25 त्न तक महंगी हो जाएगी साथ ही नए मसौदे में शराब दुकानों का समूह में ई टेंडर होने के बजाय एक-एक दुकान का अलग-अलग ई टेंडर करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
प्रदेश सरकार ने अगले वित्त वर्ष में आबकारी नीति से होने वाली आय में 3000 करोड रुपए अधिक की वसूली का लक्ष्य रखा है। विगत वर्ष यह लक्ष्य 19 हजार करोड रुपए की राशि का था। सरकार आबकारी नीति में होने जा रहे बदलाव के माध्यम से प्रदेश में चल रही लाडली बहना योजना और अन्य योजनाओं के लिए राशि एकत्रित कर राजस्व बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है।सूत्रों के अनुसार इस नई आबकारी नीति का प्रदर्शन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के समक्ष किया जा चुका है।

चर्चा के अनुसार जो आंशिक बदलाव प्रस्तावित थे वह किये जा चुके हैं। नई आबकारी नीति को प्रारंभिक तौर पर मंजूरी मिल चुकी है।
कैबिनेट में आएगी नई आबकारी नीति – नई आबकारी नीति को प्रारंभिक मंजूरी मिलने के बाद अब इसे अंतिम अनुमति देने के लिए कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा।
शराब माफिया नई आबकारी नीति के लिए बड़ी चुनौती- इस वित्त वर्ष में सरकार की आबकारी नीति पर प्रदेश में सक्रिय शराब माफिया कदम कदम पर बड़ी चुनौती देता नजर आया। शराब दुकानों की नीलामी में अन्य शहरों में जाकर जिन शराब ठेकेदारों ने अधिक राशि की बोली लगाकर दुकान प्राप्त की उन्हें स्थानीय शराब माफिया ने काम नहीं करने दिया।
जबलपुर ,सतना ,देवास, मंदसौर, रतलाम और इंदौर में इस प्रकार के कई मामले सामने आए। दमोह का शराब ठेकेदार जबलपुर आकर शराब दुकान का संचालन कर रहा था उसने खुलेआम आरोप लगाया कि स्थानीय शराब माफिया उसे दुकान का संचालन नहीं करने दे रहे हैं और गुंडागर्दी कर उसे जान से मारने के प्रयास भी किए गए दुकान में तोडफ़ोड़ भी की गई और उस पर दुकान उन्हें सौंपने का दबाव बनाया जा रहा है।

सिंडिकेट बनाकर एमआरपी से ऊपर बेची जा रही शराब- वर्तमान समय में भी जबलपुर सहित सहित कई जिलों से इस प्रकार की शिकायतें सामने आती हैं कि शराब माफिया सिंडिकेट बनाकर एमआरपी से ऊपर शराब बेचने का खेल कर शासन को भी लाखों करोड़ों रुपए की चपत लगा रहा है साथ ही खुलेआम उपभोक्ताओं को भी लूट रहा है। इस शिकायत से संबंधित कुछ एक कारवाइयां करने की औपचारिकता के अलावा कोई ठोस कदम आबकारी विभाग और सरकार नहीं उठा पाती है।

नहीं खुलेगी कोई नई दुकान- आबकारी की नई नीति में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में कोई भी नई शराब दुकान नहीं खुलेगी। नई नीति में शराब दुकानों का रिजर्व प्राइस तय कर 20 प्रतिशत अधिक पर ई नीलामी होगी। इसके तहत 3553 शराब दुकानों की अलग-अलग ई टेंडर कर नीलामी की जाएगी। इसके माध्यम से प्रदेश सरकार का राजस्व बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा ताकि अन्य जन कल्याणकारी संचालित हो रही योजनाओं क्रियान्वयन आसानी से हो सके।
Author: Jai Lok







