
जबलपुर (जयलोक)। विवाह के शुभ लग्न 8 दिसंबर से बंद हो गए हैं, जिसके साथ ही 55 दिनों तक शादी-ब्याह जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है। शुभ कार्यों में शुक्ल पक्ष एवं गुरु-शुक्र के शुभ होने की अनिवार्यता के कारण 8 दिसंबर से लग्न समाप्त हो गए हैं। इस अवधि में खरमास और गुरु-शुक्र अस्त दोनों होने के कारण कोई विवाह संस्कार नहीं होंगे।
8 दिसंबर तक लग्न के मुहूर्त रहे, इसके बाद 16 दिसंबर से खरमास प्रारंभ हो जाएगा। 11 दिसंबर से 1 फरवरी तक शुभ ग्रह अस्त रहेंगे। इसके बाद 4 फरवरी से विवाह और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार वर्ष के 12 महीनों में सिर्फ छह माह ही शुभ कार्यों के योग्य होते हैं। बिना मुहूर्त के किए गए कार्यों में बाधाएं आती हैं, इसलिए इस अवधि में विवाह पर रोक रहेगी। पूरे खरमास में विवाह वर्जित रहते हैं। हालांकि अन्य दिनों में शादियां होती रहती हैं, लेकिन खरमास में पूर्ण रूप से रोक मानी जाती है।

16 से प्रारंभ होंगे खरमास
हिंदू पंचांग में खरमास को ऐसा काल माना जाता है जब जीवन से जुड़े नए और शुभ कार्यों को रोक दिया जाता है। इस अवधि को मलमास भी कहा जाता है। कहते हैं कि जब सूर्य अपनी गति बदलते हुए धनु राशि में प्रवेश करता है, तो एक ऐसा समय शुरू होता है जो धार्मिक साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद शुभ, लेकिन मांगलिक कार्यों के लिए प्रतिबंधित रहता है। इस वर्ष खरमास 16 दिसंबर मंगलवार से आरंभ होगा और 15 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही समाप्त हो जाएगा। ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि इस दौरान कुछ विशेष कार्यों को बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

अगले वर्ष के कुछ प्रमुख शुभ मुहूर्त
फरवरी: 4, 8, 10, 16, 12
मार्च: 3, 14
अप्रैल: 9, 12, 15, 20, 21, 25, 30
मई: 1, 3, 9, 12, 13, 14, 21
जून: 21, 30
जुलाई: 1, 2, 6, 7, 8, 11, 12
नवंबर: 7, 20, 21, 24, 27, 30
दिसंबर: 1, 6, 9, 11, 13

Author: Jai Lok







