
कलेक्टर की जाँच रिपोर्ट में दोषी नहीं पाए गए पटवारी तहसीलदार, ईओडब्ल्यू की जाँच में कई बिंदुओं को किया गया अनदेखा
जबलपुर (जयलोक)। वर्तमान समय में दो प्रशासनिक विभागों के बीच में जाँच रिपोर्ट को लेकर तकरार की स्थिति बनी हुई है। मामला कुछ दिनों पहले गोरखपुर तहसीलदार भरत सोनी और पटवारी शिखा तिवारी पर ईओडब्ल्यू द्वारा की गई एफआईआर का है। यह मामला गोरखपुर क्षेत्र में एक संपत्ति के नामांतरण के दौरान फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नामांतरण करने से संबंधित है।
ईओडब्ल्यू विभाग द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद से ही तहसीलदार संघ और पटवारी संघ के लोगों में काफी नाराजगी थी। कल तहसीलदार संघ की ओर से पत्रकार वार्ता का आयोजन कर अपना पक्ष रखा गया। उन्होंने कहा कि ईओडब्ल्यू की जाँच गलत है। जबकि ऐसे प्रकरण में राजस्व अधिकारियों की जाँच में मदद ली जाती है। उन्होंने एफआईआर को गलत बताया। तहसीलदार संघ ने कहा कि जब तक एफआईआर वापस नहीं जाती तब तक वे काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे।

पटवारियों ने भी किया प्रदर्शन
पटवारी संघ ने भी अपना पक्ष रखते हुए रैली निकाली और प्रदर्शन किया। रैली निकालते हुए उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और चर्चा की। वहीं कलेक्टर दीपक सक्सेना ने प्रमुख सचिव राजस्व विभाग को पत्र लिखकर तहसीलदार और पटवारी पर दर्ज किए गए मामले को समाप्त करने की अपील की है।

सोमवार से हड़ताल पर जा सकते हैं पटवारी
पटवारियों ने एफआईआर के विरोध में पहले ही चेताया था कि अगर एफआईआर वापिस नहीं ली गई तो वे शुक्रवार को रैली निकालेंगे और सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। शुक्रवार को पटवारियों ने रैली निकाली है अब मामला नहीं सुलझा तो सोमवार से पटवारी हड़ताल पर भी जा सकते हैं।

Author: Jai Lok







