
जबलपुर (जयलोक)। अंतरिक्ष में पहुँचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री कैप्टन बस शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रेडियो के माध्यम से मेघालय और असम के जिन 10 बच्चों से बात की इस दल का नेतृत्व करने का अवसर सारा शेकटकर को मिला है। भारतीय अंतरिक्ष संगठन इसरो द्वारा अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से बात करने के लिए छात्र-छात्राओं के लिए 50 प्रश्न भेजे गए थे। जिनके उत्तर इसरो की ओर से मांगे गए। सारा शेकटकर ने भी इन 50 प्रश्नों का उत्तर दिया और उसका चयन अंतरिक्ष यात्री शुभम शुक्ला से चर्चा करने के लिए किया गया। इसरो ने ही सारा शेकटकर को यह दायित्व दिया कि वह छात्र-छात्राओं के 10 सदस्यों के दल का नेतृत्व भी करे और प्रश्न पूछे। पूना निवासी सेवा निवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकटकर के सुपुत्र तथा सच्चिदानंद शेकटकर के भतीजे ब्रिगेडियर मयूर शेकटकर की बेटी सारा शेकटकर आर्मी स्कूल में पढ़ाई कर रही है। सारा 10 बच्चों के साथ शिलांग में उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष केंद्र में मौजूद रहीं। इन बच्चों ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को 20 प्रश्न भेजे थे। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु ने 10 मिनिट तक हैम रेडियो के माध्यम से बच्चों से चर्चा की और बच्चों से बोले मैं लौट कर आऊंगा और आपका मार्गदर्शन करुंगा। अंतरिक्ष यात्री वायुसेना के कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सारा शेकटकर ने बताया कि उसके पिता सेना में ब्रिगेडियर हैं तथा दादा जी डीबी शेकटकर भी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रहे हैं तो शुभांशु शुक्ला ने बताया कि हां मैं उन्हें जानता हूं।

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