
जबलपुर (जयलोक)।कुछ दिनों पहले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के दौरान यह निर्णय लिया था कि अब पूरे प्रदेश के आम लोगों को राजस्व न्यायालय प्रक्रिया में राहत पहुंचाने के लिए कुछ ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिसके कारण राजस्व न्यायालय के कार्यों में किसी भी प्रकार की रुकावट ना आए। मुख्यमंत्री की मंच और प्रदेश शासन के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था धीरे-धीरे करके लागू की जा रही है। इसी क्रम में जबलपुर में जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर आज जारी हुए आदेशों में 17 तहसीलदार नया तहसीलदारों की ड्यूटी गैर न्यायालय कार्यों के लिए अलग-अलग तहसीलों में लगाई गई है। आज से यह व्यवस्था स्पष्ट हो गई है कि राजस्व न्यायालय के कार्यों में तहसीलदारों की ड्यूटी लगाई जाएगी वह सिर्फ न्यायालय संबंधित कार्य ही करेंगे। वीआईपी प्रोटोकॉल कानून व्यवस्था आदि कार्यों के लिए 17 अधिकारियों की अलग से पदस्थापना की गई है।


राजस्व न्यायालय कार्य के लिये नियुक्त अधिकारी अब केवल राजस्व न्यायालय का ही का र्य करेंगे। उक्त अधिकारियों की ड्यूटी प्रोटोकॉल, क़ानून व्यवस्था आदि कार्यों में नहीं लगाई जा सकेगी। इस व्यवस्था से राजस्व न्यायालय के नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन जैसे कार्यों के निराकरण में गति आएगी।


प्रोटोकॉल और क़ानून व्यवस्था संबंधी कार्यों के लिये पृथक से 17 अधिकारियों की पदस्थापना की जाकर उक्त अधिकारियों को थाना क्षेत्र का आवंटन करने के लिये एसडीएम को निर्देशित किया गया है।

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Author: Jai Lok







