
मॉस्को। दुनिया के सबसे खतरनाक भूकंपों में शूमार एक और भूकंप रूस के पूर्वी क्षेत्र कामचात्का में आया। बुधवार की सुबह इस कदर जमीन हिली, मानो कोई पूरे घर या बिल्डिंग को पकडक़र हिला रहा हो। इस प्राकृतिक आपदा का असर अमेरिका और जापान समेत कुछ देशों पर भी देखा जा रहा है। भूकंप के बाद रूसी तट पर सुनामी की विशाल लहरें देखी गई हैं, जिनकी ऊंचाई 13 फीट तक दर्ज की गई। इलाकों से लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया है।
कामचात्का के गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने एक वीडियो संदेश में कहा, आज का भूकंप बेहद गंभीर और ताकतवर था। उन्होंने कहा है कि फिलहाल भूकंप के चलते जनहानि होने की खबरें नहीं हैं। सुनामी की चेतावनी के बाद साखालिन क्षेत्र के छोटे से शहर सेवेरो कुरिल्स्क से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू किया गया है। कामचात्का में भूकंप के बाद रूस सरकार में मंत्री लेबेदेव ने लोगों से जल क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है। वहीं, अमेरिका के सुनामी वॉर्निंग सिस्टम ने अगले 3 घंटों में सुनामी की लहरों का अलर्ट जारी किया है। कहा जा रहा है कि इस दौरान उत्तर पश्चिमी हवाई द्वीपों और रूसी तटों के पास लहरों की ऊंचाई 10 फीट तक जा सकती है। साथ ही फिलीपीन्स, चुक, कोसरे, मार्शल द्वीप, पलाउ तक सुनामी की 3 फीट तक ऊंची लहरें पहुंच सकती हैं। इनके अलावा दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और ताइवान के तटों तक भी 1 फीट से ज्यादा ऊंची लहरें पहुंचने की आशंका है। जापान के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि स्थानीय समयानुसार 1 बजे सुनामी की 3.28 फीट की लहरें तटीय इलाकों तक पहुंच सकती हैं।
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Author: Jai Lok







