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भाजपा और कांगे्रस को मिल गए नए अध्यक्ष, अब दोनों दलों की टीमें बनने का हो रहा इंतजार

कार्यकारिणी के लिए भाजपा के पर्यवेक्षक कर रहे रायशुमारी

जबलपुर (जयलोक)। भारतीय जनता पार्टी और कांगे्रस दोनों के ही संगठन के अध्यक्षों के चुनाव हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष पद पर रत्नेश सोनकर पहले ही चुने जा चुके हैं। वहीं अब कांगे्रस के अध्यक्ष पद पर सौरभ शर्मा की दूसरी बार ताजपोशी की गई है। इस तरह भाजपा और कांगे्रस दोनों ही दलों को नगर अध्यक्ष मिल गए हैं। अब अध्यक्षों के अधीन काम करने वाली कार्यकारिणी के गठन की कवायद भी शुरू हो चुकी है।

भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ चर्चाएँ जारी
भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष और ग्रामीण अध्यक्ष के अधीन काम करने वाली कार्यकारिणी के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन ने जबलपुर के लिए अपनी पर्यवेक्षक भेजे हैं। शाजापुर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अम्बाराम कराडा और खरगौन से भाजपा के नेता रंजीत सिंह डंडरे पर्यवेक्षक बनकर आए हुए हैं। भाजपा के दोनों ही पर्यवेक्षक शहर और ग्रामीण भाजपा संगठन की कार्यकारिणी के गठन के लिए भाजपा के स्थानीय शहर के और ग्रामीण क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर रहे हैं। पर्यवेक्षकों द्वारा चर्चा के उपरांत शहर और ग्रामीण भाजपा की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के नामों की सूची प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को सौंपी जाएगी। प्रदेश संगठन के स्तर पर ही भाजपा की शहर और जिला संगठन की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का ऐलान हो सकेगा।

कांगे्रस अध्यक्ष तो लंबे समय से अकेले ही चलाते आ रहे हैं संगठन
प्रदेश कांगे्रस कमेटी ने नगर कांगे्रस के अध्यक्ष पद पर सौरभ शर्मा तथा ग्रामीण कांगे्रस अध्यक्ष के लिए पूर्व विधायक संजय यादव को नियुक्त किया गया है। सौरभ शर्मा तो दूसरी बार अध्यक्ष बने हैं। वहीं संजय यादव पहली बार ग्रामीण कांगे्रस का पद संभालने जा रहे हैं।
जहाँ तक कांगे्रस की अध्यक्ष के अलावा बाकी पदाधिकारियों का सवाल है तो नगर कांगे्रस के अध्यक्ष लंबे समय से अकेले ही कांगे्रस संगठन की गाड़ी को चलाते आ रहे हैं। पूर्व नगर अध्यक्ष दिनेश यादव ने तो 11 वर्षों तक लगातार नगर अध्यक्ष बनने का इतिहास रच दिया। लेकिन वे भी अकेले ही कांगे्रस संगठन चलाते रहे। वहीं नगर निगम के चुनावों को ध्यान में रखकर दिनेश यादव की जगह जगत बहादुर सिंह अन्नू को नगर कांगे्रस अध्यक्ष का पद सौंप दिया गया। लेकिन वे भी तीन वर्ष से अधिक तक अकेले ही संगठन चलाते रहे। विधानसभा चुनाव के पहले नगर अध्यक्ष जगत बहादुर सिंह पर कार्यकारिणी बनाने का दबाव बढ़ा तो उन्होंने ऐसा करने से इंकार कर दिया। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले नगर कांगे्रस अध्यक्ष जगत बहादुर ङ्क्षसह अन्नू खुद ही कांगे्रस छोडक़र भाजपा में शामिल हो गए।  जगत बहादुर ङ्क्षसह अन्नू के नगर कांगे्रस अध्यक्ष के पद को छोडऩे के बाद सौरभ शर्मा को विधानसभा चुनाव के ठीक पहले अध्यक्ष का पद सौंपा गया। लेकिन सौरभ शर्मा को भी प्रदेश कांगे्रस संगठन ने अपनी कार्यकारिणी नहीं बनाने दी। अब जब दूसरी बार सौरभ शर्मा नगर कांगे्रस के अध्यक्ष बन गए हैं तब कांगे्रसियों को इस बात का इंतजार है कि क्या वे अपनी नई कार्यकारिणी बना पाएंगे।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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