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वोट चोरी पकडऩे उतरेंगे कांग्रेसी, प्रदेश कांग्रेस ने विधायकों और चुनाव लडऩे वाले नेताओं से माँगी रिपोर्ट

भोपाल (जयलोक)। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों को भले ही निर्वाचन आयोग और भाजपा सिरे से खारिज कर रहा हो पर पार्टी इस मुद्दे को छोडऩे के मूड में नहीं है। प्रदेश कांग्रेस ने वर्ष 2023 में हुए विधानसभा और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची का फिर से आकलन करने का निर्णय लिया है। सभी विधायक और चुनाव लडऩे वाले नेताओं से कहा है कि वे अपने अपने क्षेत्र की मतदाता सूची का फिर से आकलन करें। उन क्षेत्रों की सूची को विशेष रूप से देखा जाए जहां भाजपा को अप्रत्याशित रूप से अधिक मत प्राप्त हुए थे। इसके आधार पर घटे-बढ़े मतदाताओं की जो रिपोर्ट तैयार होगी, उसे चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की अध्यक्षता में समिति बनाकर पोपाल भेजी थी। इसने सभी प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं और अलग-अलग समूहों से चर्चा के बाद यह निष्कर्ष दिया था कि जिन क्षेत्रों में भाजपा के बोट अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं, उसकी पड़ताल कर रिपोर्ट बनाई जानी चाहिए। दरअसल, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वोट 7.53 प्रतिशत बढ़े, जबकि कांग्रेस के 0.49 प्रतिशत घट गए। इसका असर यह हुआ कि 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस 66 सीटों पर सिमट गई। वहीं, विधानसभा चुनाव के करीब पांच माह बाद हुए लोकसभा चुनाव में मिले वोटों के अंतर को देखें तो कांग्रेस के 52 लाख से अधिक वोट घट गए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जब बिहार विधानसभा चुनाव के संदर्भ में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के हवाले से चुनावों में वोट चोरी का मुद्दा उठाया तो मध्य प्रदेश कांग्रेस भी सक्रिय हो गई।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी के खुलासे ने देश को झकझोर कर रख दिया है। मध्य प्रदेश भी इस सुनियोजित चुनावी षडयंत्र का एक बड़ा शिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हैं, जिनमें मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि और डुप्लिकेट एंट्री शामिल हैं। सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने 2 दिसंबर 2022 को एक आदेश जारी कर मतदाता सूची में 8 लाख 51 हजार 564 फर्जी और डुप्लिकेट एंट्री को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन किसी भी जिला अधिकारी ने विलोपन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की। उन्होंने दावा किया कि सूचना के अधिकार के माध्यम से भी संबंधित आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए। कांग्रेस विधायक ने चुनाव आयोग से अंतिम मतदाता सूची पर रोक लगाने, प्रकाशित मतदाता सूची पर सभी राजनीतिक दलों के हस्ताक्षर लेने और चुनाव संपन्न होने तक किसी भी तरह के बदलाव से बचने की मांग की। सिंघार ने चुनाव आयोग से मतदाताओं का पूरा डेटा मशीन-पठनीय प्रारूप में जारी करने और पीडीएफ इमेज के बजाय सीवीएस (फाइल प्रारूप) उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि सूची की स्वतंत्र जांच की जा सके।
जहाँ अप्रत्याशित बढ़त, वे क्षेत्र चिह्नित करेंगे जीतू पटवारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बीच चार-पांच माह का अंतर था। इस दौरान मतदाता सूची में लाखों नाम जोड़े और हटाए गए। कई विधानसभा क्षेत्रों में जिन स्थानों पर भाजपा को वोट बेहद कम मिलते थे, वहां अप्रत्याशित रूप से बढ़त मिली। ऐसे सभी क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे। सभी विधानसभा क्षेत्रों में हमारे नेता रिपोर्ट तैयार करेंगे। 25 अगस्त से प्रचि सितंबर तक जिलों में वोट चोरी सत्याग्रह होगा, जिसमे पार्टी के वरिष्ठ नेता भाप लेंगे।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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