
मुख्यमंत्री खुद दे चुके हैं विधानसभा में संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों पर 443 करोड़ के ज़ुर्माने की वसूल करने की जानकारी
जबलपुर (जयलोक)।
जबलपुर संभाग के खनिज संपदा से संपन्न और समृद्ध कटनी जिले में अभी तक चला आ रहा विधायक संजय पाठक का साम्राज्य खतरे के संकेतों में घिरा नजर आ रहा है। आज खनिज संपदा के मामले में पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाले संभाग के कटनी जिले में मध्य प्रदेश की खनिज संपदा आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला को आधार बनाकर एक बड़ा माइनिंग कांक्लेव 2.0 का आयोजन हुआ। यह आयोजन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुसार एवं महत्वपूर्ण उपस्थिति में आयोजित हुआ है।
कटनी जिले में आयोजित हुए इस बड़े आयोजन के बाद तरह तरह की चर्चाओं और कयासों का दौर भी शुरू हो गया है। इन चर्चाओं में सबसे प्रमुख रूप से दो प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं। एक चर्चा यह है कि 2 सप्ताह पहले विधानसभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ही भारतीय जनता पार्टी के विजयराघवगढ़ के विधायक संजय पाठक के परिजनों की कंपनियों पर लगे अवैध उत्खनन के आरोप में 443 करोड़ का जुर्माना वसूल किए जाने की जानकारी खुद ही दी थी। विगत 6 अगस्त को विधानसभा के प्रश्न काल के दौरान कांग्रेस के विधायकों के सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उक्त संबंध में जानकारी दी थी। इसके बाद चर्चा चल रही है कि संजय पाठक सरकार के निशाने पर हैं और यह कटनी का आयोजन उनके सर से मीनिंग किंग का ताज हटाने और उनके साम्राज्य को समेटने एवं यहां पर व्यापारिक प्रतिस्पर्धा पैदा करने के उद्देश्य से किया गया। वही संजय पाठक के समर्थकों का यह दावा है कि यह पूरा आयोजन विधायक संजय पाठक की मंशा पर कटनी में आयोजित हुआ है ताकि वह अपना कद और कारोबार को और आगे बढ़ा सकें। चर्चा यह भी है कि जिन लोगों को भविष्य में संजय पाठक से जुडी खदानों के सम्बन्ध में जाँच और वसूली की कार्यवाही करना है वो लोग ही यहाँ पर आवभगत करते नजर आ रहे थे ।

मध्य प्रदेश माइनिंग कांक्लेव 2.0 के अंतर्गत राष्ट्रीय उत्पादन में मध्य प्रदेश से निकलने वाले खनिज के योगदान के रूप में एकमात्र हीरे का उत्पादक प्रदेश, तांबा ,रॉक फास्फेट, मैंगनीज, चूना पत्थर, कोयला, आदि खनिज के संबंध में चर्चाएं हुई। इसके साथ ही कॉन्क्लेव के फोकस सेक्टर में कोयला और ऊर्जा, ऊर्जा एवं हाइड्रोकार्बन, प्रौद्योगिकीय प्रगति जिसके अंतर्गत डिजिटल स्मार्ट और आधुनिक खनन समाधान पर चर्चा हुई, क्रिटिकल मिनरल्स भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक आधार विषय पर भी चर्चा हुई, चूना पत्थर और सीमेंट खनिज एवं खनिज उत्पादन के संबंध में भी चर्चा की गई।

कटनी व आसपास में उपलब्ध खनिज संपदा और विभिन्न प्रकार के मिनरल्स के संबंध में भी चर्चा हुई। वर्तमान में कटनी और आसपास के जिलों में खनिज के कारोबार में संजय पाठक को माइनिंग किंग कहा जाता है। चर्चाओं में चल रहे दोनों ही दावों पर गौर किया जा रहा है और यह चर्चाएं दिल्ली -भोपाल से लेकर पूरे प्रदेश के राजनीतिक हलकों में चल रही है। साथ ही प्रशासनिक हलके में भी इन बातों की चर्चाएं हैं। चर्चाओं के पीछे क्या सच्चाई है यह तो भविष्य के गर्भ में छुपा हुआ है और आने वाले समय में ही इसके ऊपर से पर्दा उठेगा। लेकिन संजय पाठक के पक्ष में रहने वाले और विपक्ष में रहने वाले लोग इन्ही कयासों के आधार पर अपनी आगे की रणनीति बना रहे है ।

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आरोप है कि विधायक संजय पाठक की जबलपुर के सिहोरा में निर्मला मिनरल्स, आनंद माइनिंग और पैसिफिक एक्सपोर्ट के नाम से तीन खदानें हैं। इन सभी खदानों में जमकर अवैध उत्खनन हुआ है।हालांकि संजय पाठक इन आरोपों से इंकार कर यह कह चुके है कि जाँच अभी सही तरीके से नहीं हुई है। दलील दी गई है कि उनकी कंपनी 70 सालों से माइनिंग के कारोबार में है। कंपनियों द्वारा कोई अवैध उत्खनन नहीं किया गया। जांच दल के अधिकारियों ने बिना मौके पर जाए गलत रिपोर्ट तैयार की है।
तीनों कंपनियों पर 443 करोड़ की वसूली निकाली गई
इस शिकायत के बाद 23 अप्रैल को एक जाँच टीम बनाई गई। जाँच टीम ने 6 जून को रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसमें तीनों कंपनियों पर 443 करोड़ की वसूली निकाली गई। सैटेलाइट डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शिकायत की जाँच की गई।

कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में मिले 56,414 करोड़ के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
(जयलोक)। आज कटनी में आयोजित हुए माइनिंग कॉन्क्लेव में हुए 3 एमओयू प्रदेश के लिये महत्वपूर्ण होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि माइनिंग से है कटनी की पहचान। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास में किसान और जवान की तरह उद्योगपति का भी बड़ा योगदान है। हमारी संस्कृति शोषण की नहीं दोहन की है, जिओ और जीने दो के सिद्धांत पर हम कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग हितैषी नीतियां, उद्योग अनुरूप वातावरण मौजूद है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित उद्योगपतियों से कहा कि वे निवेश का बड़े से बड़ा सपना देखें मध्यप्रदेश सरकार उनके साथ है। प्रदेश में मेजर और माइनर मिनरल्स के साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवार इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के बाद अब सरकार सेक्टरवाइज कॉन्क्लेव कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को हम नंबर वन राज्य बनायेंगे। कटनी को 25 अगस्त को बड़ी सौगात मिलने वाली है। प्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल शुरू किए जा रहे हैं। राज्य सरकार मेडिकल कॉलेज खोलने पर 1 रुपए में 25 एकड़ जमीन देगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष 25 अगस्त को 4 मेडिकल कॉलेजों के लिए एमओयू होगा।
Author: Jai Lok







