
नई दिल्ली (जयलोक)।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव विशेषज्ञ संजय कुमार को सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए महाराष्ट्र की मतदाता सूची से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने के आरोप में चुनाव आयोग की ओर से दर्ज कराई गई दो एफआईआर के सिलसिले में गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और वकील सुमीर सोढ़ी की इस दलील पर गौर किया कि चुनाव विशेषज्ञ की ओर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बावजूद एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, नोटिस जारी करें। इस बीच कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
शीर्ष अदालत का दरवाजा क्यों खटखटाया?सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) में लोकनीति के सह-निदेशक संजय कुमार ने महाराष्ट्र में अपने खिलाफ दर्ज दो एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
एफआईआर में क्या?
एफआईआर में उन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए महाराष्ट्र की मतदाता सूची से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया है।
याचिका में क्या आरोप?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये एफआईआर कानून का दुरुपयोग हैं। यह एक शिक्षाविद को कम से कम एक वास्तविक गलती के लिए परेशान करने का प्रयास हैं।

Author: Jai Lok







