
जबलपुर (जयलोक)। सिहोरा के पास इसास बैंक में 15 करोड़ का सोना और नगदी लूटने वाले मुख्य डकैत अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। डकैती के 18 दिनों के बाद भी पुलिस अभी तक सोना ले जाने वाले डकैतों को पकड़ नहीं पाई है। पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। पुलिस इन डकैतों को यूपी, बिहार और झारखंड में लगातार तलाश रही है। लेकिन अभी तक पुलिस को कोई कामयाबी सोना जप्त करने में नहीं मिल पाई है।
डकैती के मुख्य मास्टरमाइंड तथा डकैतों को बाहर से बुलवाकर डकैती डलवाने वाले पाटन के रईस लोधी और उसके चार साथियों को पुलिस ने डकैती के दो दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन वे डकैत जो अपने साथ सोना ले गए हैं उनमें से अभी तक कोई भी नहीं पकड़ा गया है और ना ही सोने के बारे में भी पुलिस को किसी तरह के सुराग हाथ लगे हैं।
आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की टीम बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा तक भी पहँुची लेकिन वहां से भी खाली हाँथ लौट आई। अब पुलिस अधिकारी यहीं कयास लगा रहे हैं कि मुख्य आरोपी झारखंड की ओर भागे हैं। डकैतों को पकडऩे के लिए पुलिस की करीब 5 टीमें सक्रियता से छानबीन में जुटी हैं। लेकिन लगता है कि समय बीतने के साथ अब यह मामला भी ठंडा होता नजर आ रहा है।

11 अगस्त को हुई थी लूट
गौरतबल है कि 11 अगस्त सोमवार को खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में सुबह करीब 9:15 बजे नकाबपोश डकैत बंदूक की नोक पर करीब 15 करोड़ रूपए का सोना और 5 लाख रूपए नगदी लेकर भाग गए थे। पुलिस ने जांच करते हुए पाया कि वारदात को अंजाम देने वाले खितौला स्थित बस्ती में किराए के मकान में बीते 5 दिन से ठहरे हुए थे। मकान मालिक इंद्रजीत विश्वकर्मा से पाटन के रईस नामक युवक ने दोस्तों के साथ मकान किराए पर लिया था।

सायबर टीम भी जुटी जाँच में
डकैती के बाद सायबर सेल के अधिकारी भी डकैतों को पकडऩे में पुलिस के साथ लगे हुए थे। जिसमें चार डकैतों को पकड़ा भी गया। लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से लगातार भाग रहे हैं। वहीं गिरफ्त में आए उसके चार साथियों से भी पुलिस ने पूछताछ की लेकिन मुख्य आरोपी तक पहुँचने में यह पूछताछ नाकाफी साबित हो रही है।

इनकी हुई गिरफ्तारी
डकैती में शामिल फरार चल रहे पांचों आरोपियों में से चार को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों के नाम रईस लोधी निवासी पाटन, सोनू बर्मन निवासी इंद्राना, हेमराज सिंह निवासी उडऩा और विकास चक्रवर्ती हैं। वहीं इनका एक साथी अब तक लापता है। पुलिस को आशंका है कि सोना पाँचवे साथी के पास है।
रईस ने बनाई थी योजना
इस डकैती का मास्टरमाइंड रईस है जिसने पूरी योजना बनाई थी और क्षेत्र की पूरी जानकारी से भी अवगत कराया था। रईस लोधी ने ही बिहार-झारखंड के डकैतों को बुलाकर पूरे क्षेत्र और प्लान की जानकारी दी और उसने ही यहां से अपने कुछ विश्वासपात्र लोगों को डकैती में शामिल किया और उन्हें भी पूरा प्लान ऐसे समझाया। रईस के साथी बबलू ठाकुर ने ही बदमाशों को जरूरी सामान पहुँचाया था।
Author: Jai Lok







