
बरगी और रांझी पुलिस ने किया खुलासा
जबलपुर (जय लोक)। बरगी थाना क्षेत्र की सगड़ा झपनी नहर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली रेत ठेकेदार की लाश के मामले की जांच करते हुए पुलिस ने पाया कि किसी अज्ञात ने हत्या करने के बाद अपराध छिपाने के लिए लाश को नहर में फेंक दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटना स्थल का निरीक्षण सहित परिजनों के प्राथमिक बयान के आधार पर पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच-पड़ताल करते हुए हत्या करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक रेत कारोबार के साथ 2 हाईवा (ट्रक) की खरीदी में हुए घाटा और हिसाब के विवाद के कारण 2 युवकों सहित एक महिला ने मिलकर नितेश की हत्या कर लाश को नहर में फेंक दिया था। सूत्रों के अनुसार होटल पसरीचा की इवेंट मैनेजर मीनाक्षी कपूर, पार्टनर रमनदीप और तोकीर नाम व्यक्ति ने सुनियोजित तरीके से पूरे हत्याकांड को अंजाम दिया है।
विगत 25 अगस्त को थाना बरगी के बरगी नगर चौकी क्षेत्र में बरगी कैनाल के पास एक सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा कार क्रमांक रूक्क 20 ष्टत्र 7482 लावारिस हालत में खड़ी होने की सूचना बरगी नगर पुलिस को मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और नंबर प्लेट से गाड़ी मालिक की जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस को पता चला कि वह कार सुधीर विश्वकर्मा निवासी रांझी के नाम पर दर्ज है। बाद में सुधीर विश्वकर्मा के घर में खबर की गई कि आपकी गाड़ी नहर के किनारे लावारिस हालत में मिली है जो सुधीर विश्वकर्मा दिनांक 25 को ही शाम में अपनी पत्नी निर्मला और बड़े बेटे रीतेश विश्वकर्मा के साथ बरगी डैम के किनारे कैनाल आए और बताया कि उक्त इनोवा कार को उनका छोटा बेटा नीतेश विश्वकर्मा एक दिन पहले रात 08 बजे करीब घर रांझी से लेकर निकला था ।

परिजनों ने बताया कि रितेश रेत गिट्टी का काम करता है। रात में ही ज़्यादातर काम करता है। रात के बाद अभी घर नहीं आया फोन भी नहीं लग रहा था। पता करके बताते हैं कहा उसके बाद उक्त कार बरगी नगर चौकी में खड़ी करवा कर सुधीर विश्वकर्मा अपने परिवार सहित अपने पुत्र नीतेश विश्वकर्मा की तलाश में लग गए। पता नहीं चलने पर रात को थाना रांझी पर नितेश विश्वकर्मा की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पिता सुधीर विश्वकर्मा द्वारा दर्ज की गई। अगले दिन की तलाश के दौरान बरगी नगर चौकी में सूचना प्राप्त हुई की बरगी डैम नहर में एक शव उतारते हुए देखा है जो पहले से तलाश कर रहे परिजन उक्त नहर के पास पहुंचे जो नितेश का शव होना देखकर उसकी पहचान की गई।

अगले दिन पीएम के पश्चात ज्ञात हुआ कि मृतक नितेश के सर पर चोट के घाव है और मृतक की मृत्यु संदिग्ध अवस्था में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त करके परिस्थिति जन्य साक्ष्य को जो जुटाया गया। नितेश की गाड़ी जिस जगह पर मिली हुई थी उससे कम से कम 30 कदम दूर कुछ खून भी सूखा हुआ पड़ा था। जिसको साक्ष्य के रूप में इक_ा किया गया प्रथम दृश्यटया हत्या प्रतीत होने पर थाना बरगी में हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। मृतक पक्ष रांझी का होने से पुलिस अधीक्षक द्वारा उक्त हत्या की विवेचना थाना प्रभारी रांझी को सौंपी गई। मामले में विवेचना करते हुए सीडी आर एवं मिले हुए साक्ष्य की कड़ी जोड़ते हुए पूछताछ के लिए संदेहियों को बुलाया गया जिसमें प्रमुख संदेही मीनाक्षी कपूर निवासी रांझी तथा रमनदीप निवासी रांझी और तौकीर निवासी आधारताल से काफी बारीकी से पूछताछ की गई। रमन दीप द्वारा बताया गया कि वह नितेश विश्वकर्मा को जानता है और उसके साथ उसकी दोस्ती थी उन दोनों ने मिलकर कंपनी बनाई उक्त कंपनी के द्वारा दो पुराने सेकंड हैंड हाईवा खरीदे गए थे। वर्ष 2024 में हाईवा खरीदने के बाद पिछले कुछ महीनो से हाईवा बंद थे जिनकी काफी किश्त आ रही थी और पूरी -पूरी किश्त रमनदीप ही चुका रहा था नितेश कोई भी सहयोग नहीं कर रहा था।

लगभग 10 से 20 लाख रुपए का हिसाब बाकी था रमनदीप द्वारा नितेश से बोला गया कि उक्त पैसे चुका दो और हिसाब कर लो किंतु नितेश ने उसको मना कर दिया। जिससे दोनों के बीच मनमुटाव और बहस हो गई। यह धीरे-धीरे मनमुटाव बढ़ते गया और फिर रमनदीप ने नितेश को हत्या करने का प्लान बनाया। इसके लिए उसने अपनी महिला मित्र मीनाक्षी कपूर का उपयोग किया और योजना बनाई कि मीनाक्षी कपूर नितेश से नजदीकी बढ़ा कर उसको घूमने के लिए बरगी डैम के पास कैनाल में ले जाएगी और वहां पर शराब पिलायेगी और जब नितेश शराब के नशे में हो जाएगा तब वह अपने ड्राइवर तौकीर को भेज कर उसको मरवा के नहर में डलवा देंगे। प्लान के मुताबिक तारीख दिनांक 24 की रात्रि लगभग 10: 30 बजे मीनाक्षी कपूर व्हाट्सएप कॉल से नितेश को पसरिचा बुलाती है। मीनाक्षी कपूर होटल पसरीचा में इवेंट मैनेजर है नितेश मीनाक्षी को लेकर घूमने के लिए बरगी डैम ले जाता है। मीनाक्षी पहले से अपने साथ एक शराब की बोतल लाई होती है। इसके अलावा नितेश पहले से भी शराब पिए रहता है।
बरगी डैम के कैनाल के किनारे मीनाक्षी द्वारा अपनी बातों में उलझा कर उसको काफी शराब पिला देती हैं और तौकीर को लाइव लोकेशन भेज कर मौके पर तौकीर को बुला लेती है। रमनदीप के ड्राइवर तौकीर द्वारा अपने बोलोरो कैंपर में रखी हुई राड से नीतीश के सर पर पीछे से वार किया गया और जब वह बेहोश हो गया तो मीनाक्षी कपूर के साथ मिलकर उसको नहर में फेंक दिया गया। मीनाक्षी को मौके से लेकर नितेश विश्वकर्मा की कार वहीं पर छोडक़र बरगी टोल प्लाजा के पास मीनाक्षी को छोड़ा गया। बरगी टोल प्लाजा के पास रमन दीप मीनाक्षी को लेने आया और उसको मीनाक्षी की मौसी जो यादव कॉलोनी में रहती है के घर छोड़ दिया गया। तीनों संदेहियों द्वारा उक्त घटना को स्वीकार किया गया तथा घटना में प्रयुक्त उपयोग किए गए मोबाइल तीनों से अलग-अलग जप्त किये गए है। घटना में प्रयुक्त राड तौकीर के द्वारा कैंपर से जप्त कराया गया। बोलोरो कैंपर जिसका उपयोग किया गया था उसको जप्त किया गया ।
इसके अलावा पूरे घटना के मास्टरमाइंड रमनदीप का मोबाइल और घटना में उपयोग की रमनदीप की सेल्टोस कार जप्त की गई। रमनदीप द्वारा इस कार्य के लिए तौकीर और मीनाक्षी को 50-50 हजार रुपए दिए गए थे। तौकीर से 10 हजार एवं मीनाक्षी से 40 हजार रुपये बरामद हुए हैं। इस हत्याकांड के खुलासे में रांझी थाना प्रभारी उमेश गोहलानी और उनकी टीम के साथ ही बरगी नगर चौकी प्रभारी सरिता पटेल,एएसआई राजेंद्र ,कांस्टेबल मुकेश ,स्तवन मरावी की प्रमुख भूमिका रही है।
Author: Jai Lok







