
सुशीला कार्की का पीएम बनना लगभग तय, दावा- राष्ट्रपति संसद भंग करने को तैयार नहीं
काठमांठू। नेपाल में हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा बढक़र 51 पहुंच गया है। विरोध प्रदर्शन के 5वें दिन 17 मौतों की पुष्टि हुई है। केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे को 48 घंटे हो गए हैं, लेकिन अभी तक अंतरिम प्रधानमंत्री तय नहीं हो सका है। इसपर बातचीत आज सुबह 9 बजे फिर से शुरू हो गई है। कल दिनभर चली चर्चा किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने पर लगभग सहमति बन गई है, लेकिन मौजूदा संसद को भंग करने या न करने पर चर्चा रुकी हुई है। बातचीत में भाग लेने वाले एक अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति पौडेल संसद भंग करने को तैयार नहीं। हालांकि, कार्की ने तर्क दिया है कि पहले संसद को भंग किया जाना चाहिए। क्योंकि संविधान के अनुसार संसद कायम रहते हुए किसी गैर-सांसद (जो संसद का सदस्य न हो) को प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सकता।

सुशीला पर भारत समर्थक होने का आरोप लगा
सुशीला कार्की के नाम पर आंदोलनकारी जेन-जे युवा कल आपस में ही भिड़ गए और मारपीट करने लगे। एक गुट का आरोप है कि सुशीला कार्की भारत समर्थक हैं और उन्हें यह स्वीकार नहीं हैं। दूसरी तरफ, आर्मी ने एहतियातन राजधानी और उससे सटे इलाकों में चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रखा है।

कार्की राष्ट्रपति पौडेल से मुताकात करेंगी
सुशीला कार्की के साथ समन्वय कर रहे ओम प्रकाश आर्यल ने बताया कि कार्की पहले राष्ट्रपति के कानूनी सलाहकार वरिष्ठ अधिवक्ता बाबूराम कुंवर से मुलाकात करेंगी, इसके बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के साथ निर्णायक बातचीत होगी। यदि सहमति बनती है, तो कार्की आज ही अंतरिम मंत्रिमंडल के प्रमुख के रूप में शपथ ले सकती हैं। अधिकांश मुद्दों पर सहमति हो चुकी है, लेकिन कुछ बिंदुओं पर अभी चर्चा चल रही है। राष्ट्रपति पौडेल ने गुरुवार को कार्की और संवैधानिक विशेषज्ञों के साथ दिनभर और रात में बातचीत की।
बैठक में संसद भंग करने पर सहमति नहीं बन पाई। जेन जी आंदोलन के प्रतिनिधियों सहित कुछ पक्षों ने कानूनी आधार पर संसद भंग करने की वकालत की, जबकि अन्य ने संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए कार्यरत संसद की आवश्यकता पर जोर दिया।

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Author: Jai Lok







