
जबलपुर (जयलोक)। भारतीय जनसंघ से लेकर और भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ नेता तथा पूर्व सांसद श्री बाबू राव परांजपे तथा पूर्व मंत्री पंडित ओंकार तिवारी की प्रतिमाएं फिर से लगने का मामला उलझ गया है। इन दोनों ही वरिष्ठ नेताओं की प्रतिमाएं नगर निगम द्वारा पूर्व में स्थापित कराई गईं थी। बाबूराव परांजपे की प्रतिमा टेलीग्राफ गेट नम्बर दो के चौराहे पर तथा पं. ओंकार प्रसाद तिवारी की प्रतिमा दमोहनाका चौक पर स्थापित की गईं थीं। जब दमोहनाका से लेकर मदनमहल तक फ्लाई ओवर का निर्माण प्रारंभ हुआ तब ये दोनों ही प्रतिमाएं हटा दी गईं थीं।
मध्य प्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग ने इन दोनों ही मूर्तियों को हटाकर फ्लाई ओवर का निर्माण हो जाने के पश्चात पुन: स्थापित कराने की संबंधी पत्र दिया था। अब जब फ्लाई ओवर बन चुका है और उसका उपयोग भी शुरू हो चुका है तब बाबू राव परांजपे तथा ओंकार तिवारी की प्रतिमाओं को पुन: स्थापित करने की माँग लगातार उठ रही है। स्व. ओंकार तिवारी की कल 13 सितंबर को पुण्यतिथि है।

इस पुण्यतिथि के पूर्व उनकी प्रतिमा को स्थापित करने की माँग उनके समर्थकों द्वारा की गई थी। लेकिन यह मामला राजनैतिक हस्ताक्षेप के कारण आज भी उलझा हुआ है।
नगर निगम की स्वीकृति आवश्यक- बाबू राव परांजपे तथा पं. ओंकार तिवारी की प्रतिमा स्थापना के लिए शासन के लोक निर्माण विभाग ने नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजा है।

इस पत्र में विभाग ने दोनों ही प्रतिमाओं की स्थापना के लिए नगर निगम की स्वीकृति चाही है। प्रतिमा स्थापना का खर्च लोक निर्माण विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। नगर निगम भी इस प्रतिमा के लगाने के संदर्भ में तकनीकी पहलू और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एनओसी देने के लिए तैयार है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि स्थानीय राजनीति की खींचतान में यह प्रतिमाएं नहीं लग पा रही हैं।
प्रतिमा की स्थापना ना हो इसके लिए बन रहा दबाव- जबलपुर से लेकर भोपाल तक राजनैतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेजी से फैली है कि इन प्रतिमाओं को पुन: स्थापित होने से रोकने के लिए भाजपा के ही कुछ प्रभावी लोग दबाव बना रहे हैं।

इस दबाव के कारण ही अब उनकी प्रतिमा की स्थापना को लेकर टालमटोल की स्थिति बनी हुई। यह पूरा राजनैतिक द्वंद पं. ओंकार तिवारी की प्रतिमा को लेकर मचा हुआ है। इसी वजह से असमंजस की स्थिति है। जिसके कारण भाजपा के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता बाबूराव परांजपे की प्रतिमा की स्थापना भी अधर में अटकी है।
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Author: Jai Lok







