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बीमा सेक्टर में 100 फीसदी एफडीआई का प्रस्ताव शीतकालीन सत्र में हो सकता है पेश

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि बीमा सेक्टर में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने वाला बीमा संशोधन विधेयक संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। संसद का शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के आखिर में शुरू होता है। बता दें वित्त मंत्री ने इस साल के बजट भाषण में नई पीढ़ी के फाइनैंशियल सेक्टर सुधारों के तहत बीमा सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा को मौजूदा के 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा था।
उन्होंने कहा कि यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी जो अपना पूरा प्रीमियम भारत में निवेश करती हैं। विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा और शर्तों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा। अब तक बीमा सेक्टर ने एफडीआई के जरिए 82,000 करोड़ रुपए आकर्षित किए हैं। वित्त मंत्रालय ने बीमा अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिसमें बीमा सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाकर 100 फीसदी करना, चुकता पूंजी में कमी और एक समग्र लाइसेंस का प्रावधान शामिल है।
एक व्यापक विधायी प्रक्रिया के तहत, जीवन बीमा निगम और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण में बीमा अधिनियम-1938 के साथ-साथ संशोधन किया जाएगा। एलआईसी अधिनियम में संशोधनों का प्रस्ताव है कि इसके बोर्ड को शाखा विस्तार और भर्ती जैसे परिचालन संबंधी निर्णय लेने का अधिकार दिया जाए। प्रस्तावित संशोधन मुख्य रूप से पॉलिसीधारकों के हितों को बढ़ावा देने, उनकी वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने और बीमा बाजार में ज्यादा कंपनियों के प्रवेश को सुगम बनाने पर केंद्रित हैं, जिससे आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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