
मोदी के दोस्तों ने देश को संकट में डाला
पटना। आजादी के बाद पहली बार आज यानी 24 सितंबर को पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हो रही है। इस मीटिंग में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, राहुल गांधी समेत कांग्रेस से सीनियर लीडर मौजूद हैं। ये मीटिंग शाम 4 बजे तक चलेगी। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा, बीजेपी नीतीश कुमार को मेंटली रिटायर्ड मान चुकी है। वो उन्हें बोझ मानती है। इसके साथ ही उन्होंने बेरोजगारी, किसान, बाढ़ को लेकर एनडीए पर निशाना साधा।
वोटर वेरिफिकेशन को लेकर चुनाव आयोग को घेरा। तो अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री को फेल बताते हुए कहा, पीएम के दोस्तों की वजह से आज देश संकट में है।
मोदी फेल- अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर भारत एक बेहद चुनौतीपूर्ण और चिंताजनक दौर से गुजर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारी मुसीबतें नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की नाकामी और कूटनीतिक विफलता का नतीजा है। प्रधानमंत्री जिनको मेरे दोस्त बताकर ढिंढोरा पीटते हैं, वही दोस्त आज भारत को संकट में डाल रहे हैं।
लाखों लोगों के वोट काटने की साजिश- बिहार की ही तर्ज पर अब देशभर में लाखों लोगों के वोट काटने की साजिश रची जा रही है। वोट चोरी का मतलब है- दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अति-पिछड़ा, अल्पसंख्यक, कमजोर और गरीब के राशन की चोरी, पेंशन चोरी, दवाई चोरी, बच्चों की स्कॉलरशिप और परीक्षा की चोरी।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल- लोकतंत्र का आधार है- निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव, लेकिन आज चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर ही सवाल उठ रहे हैं। इसे लेकर कई खुलासे भी हुए हैं। श्वष्ट उन सवालों के जवाब देने के बजाय हमसे एफिडेविट मांग रहा है।
जीएसटी ने अर्थव्यवस्था बेपटरी की- 2 करोड़ नौकरियों का वादा अधूरा रहा। युवा रोजगार के बिना भटक रहे हैं। नोटबंदी और गलत त्रस्ञ्ज ने अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया। 8 सालों के बाद प्रधानमंत्री जी को अपनी गलती का एहसास हुआ। अब जीएसटी में वही सुधार लाए गए जिसकी मांग कांग्रेस पार्टी पहले दिन से कर रही थी। किसानों की आय दोगुनी पर सरकार फेल- प्रधानमंत्री अपने वादे के मुताबिक किसानों की आय दोगुनी नहीं कर पाए। 2020-21 के तीन काले कानूनों की वजह से आंदोलन चला, 750 से अधिक किसान शहीद हो गए।
तेलंगाना में सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस की सरकार बनी
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी की इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी का दावा है कि मीटिंग बिहार में सत्ता परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साल 2023 में तेलंगाना में चुनाव के वक्त कांग्रेस ने वहां सीडब्ल्यूसी की बड़ी बैठक की थी, जिसके बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी। इस बैठक से कांग्रेस पार्टी को वहां फायदा भी मिला था। इस बैठक के जरिए बिहार चुनाव में कांग्रेस खुद को केंद्र में रखने की कोशिश करती नजर आएगी। कांग्रेस पार्टी इस बड़ी बैठक के जरिए कार्यकर्ताओं में भी जान फूंकने की कोशिश करेगी।
दमोह कलेक्टर बनते ही दूसरे दिन खाद चोरों पर एफआईआर करवाई आईएएस मिशा सिंह ने
Author: Jai Lok







