
जबलपुर (जयलोक)। डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। लेकिन इस पेशे को कमाई का जरिया बना लिया गया है। इतना ही नहीं मरीजों को लूटकर अपनी जेबें भरने वाले ऐसे डॉक्टर इस पेशे को बदनाम कर रहे हैं। ताजा मामला खजरी खिरिया निवासी एक परिवार के साथ हुआ। जिनके घर 13 साल बाद जुड़वा बच्चों की खुशी आई लेकिन गैलेक्सी हॉस्पिटल एवं मातृम ऑर्थो एण्ड गायनिक सेन्टर हॉस्पिटल की लापरवाही से इनकी ये खुशी मातम में बदल गई। जुड़वा बच्चों के पिता ने दोनों हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
खजरी खिरिया निवासी परिवार में शादी के 13 साल बाद घर में रौनक आई थी, जिसमें उन्हें जुड़वा बच्चे हुए थे, लेकिन नव जीवित दोनों बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर, ईलाज में लापरवाही के कारण बच्चों के मृत्यु हो गई, जिसको लेकर परिवार में मातम छा गया, पीडि़त परिवार ने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से ईलाज में लापरवाही करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है। ग्राम खजरी खिरिया निवासी रामराज पटेल ने बताया कि उसकी शादी वंदना पटेल के साथ हुई थी, शादी के 13 साल बाद उसे जुड़वा नवजीवित दो पुत्रों का जन्म, डॉ. सोनल रिछारिया, मातृम ऑर्थो एण्ड गावनिक सेन्टर हॉस्पिटल में 17 सितंबर को समय 11:04 सुबह मिनट पहले पुत्र का जन्म एवं दूसरा पुत्र का जन्म 11:05 सुबह में हुआ। दोनों नवजीवित पुत्र स्वास्थ्य हुये थे। दोनों पुत्रों के जन्म के बाद किसी भी डॉ. ने नहीं देखा। उसी दिन शाम को बच्चे थोड़े-थोड़े पीले दिखाई दिये, जिसकी जानकारी उनने हॉस्पिटल के स्टॉप को दी, स्टॉप के किसी भी मेम्बर के द्वारा दोनों बच्चों को नहीं देखा गया। सोनल रिछारिया से बोला कि बच्चे ज्यादा पीले दिखाई दे रहे है तो भी डॉ. सोनल रिछारिया आपके बच्चे ठीक हैं बोलकर वहां से चली गई। शाम को जब पीलिया का टेस्ट करवाया तो डॉ. सोनल रिछारिया ने बताया कि आप के एक पुत्र को 19 और दूसरे पुत्र को 20 प्रतिशत पीलिया है और डॉ. सोनल रिछारिया के द्वारा बोला गया कि आप जहां चाहे अपने बच्चे का इलाज करवा सकते हैं आप अपने बच्चे को ले जा सकते है।

गैलेक्सी में एक और दूसरे की नागपुर में हो गई मृत्यु
उसी शाम परिजनों ने बच्चों को गैलेक्सी हॉस्पिटल में एडमिट कराया फिर उसी रात एक नवजीवित पुत्र की मृत्यु हो गई और गैलेक्सी हॉस्पिटल के डॉ. नंदन शर्मा बच्चों का इलाज करते रहे। डॉ. के द्वारा पूछे जाने पर बोला गया कि आप के बच्चों का इलाज चल रहा है, मगर उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उनके एक पुत्र की मृत्यु हो गयी है, परिवार के द्वारा डॉक्टरों पर दबाव डाला गया तो गैलेक्सी हॉस्पिटल के डॉक्टर वहां से चले गये। बाद में वहां के स्टॉफ ने बताया कि आप के एक पुत्र की मृत्यु हो गयी है। दबाव डालने के बाद स्टॉफ ने डॉक्टरों को बुलाया और फिर गैलेक्सी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक बच्चे को नागपुर ले जाने को कहा, नागपुर के डॉक्टरों के द्वारा बताया गया कि आप के बच्चे की हालत बहुत ज्यादा खराब है और पीलिया आप के बच्चे के दिमाग में 60 प्रतिशत पहुंच गया है, उसी रात में दूसरा बच्चा भी खत्म हो गया।
अपने दोनों नवजात बच्चों की मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है। उनका कहना है कि 13 साल बाद संतान का सुख प्राप्त हुआ था लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से उनके दोनों बच्चों की मौत हो गई।

सीएमएचओ से की शिकायत
पीडि़त परिवार ने इसकी शिकायत सीएमएचओ संजय मिश्रा से की है। उन्होंने डॉ. सोनल रिछारिया, मातृम ऑर्थो एण्ड गायनिक सेन्टर हॉस्पिटल एवं गैलेक्सी हॉस्पिटल डॉ. नंदन शर्मा के द्वारा चिकित्यकीय कर्तव्यों को लेकर निर्वहन सही तरीके से नहीं किया गया जिसके कारण नव जात शिशु की मृत्यु हो गयी। उन्होंने जिला चिकित्सा अधिकारी से शिकायत की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर डॉ. एवं कर्मचारी के विरूद्ध आवश्यक विधिक व प्रशासनिक कार्यवाही की जाए।

इनका कहना है
इस प्रकरण में डॉ रिछारिया के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है जाँच के उपरांत नियमानुसार कार्रवाही की जाएगी।
– संजय मिश्रा, सीएमएचओ
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Author: Jai Lok







